सरायकेला (संजीव मेहता) : अखिल भारतीय धोबी महासंघ जिला सरायकेला खरसावां अंतर्गत आदित्यपुर इकाई के सदस्यों द्वारा हरि हरि पूजा धूम धाम के साथ श्रद्धापूर्वक मनाई गई. बता दें कि प्रत्येक वर्ष आषाढ़ माह रजक समाज के लोग प्रकृति को खुश करने के लिए ये पूजा करते है और ऐसी परंपरा पूर्वजों को द्वारा बनाई गई थी कि प्रकृति आपदा से बचने के लिए लोगों को जानवरों की बलि देना जरूरी है, इसके इतर सदस्यों ने बलि प्रथा का विरोध करते हुए संपूर्ण रूप से प्रकृति की पूजा की. सदस्यों ने सबसे पहले नदी की पूजा की फिर सदस्यों द्वारा पौधारोपण कर प्रकृति आपदा नहीं आने, अच्छी वर्षा होने, खुशहाल जीवन की कामना की. मौके पर उपस्थित ए वी डी एम के राष्ट्रीय महासचिव शारदा देवी ने कहा पूर्वजों द्वारा स्थापित बलि प्रथा अंधविश्वास का परिचायक है. हमलोगों को बाबा संत गाडगे के विचारों पर चलते हुए अंधविश्वास से दूर होना चाहिए और शिक्षित समाज के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए.

आदित्यपुर के रजक समाज ने हरि हरि पूजा के अवसर पर नदी की पूजा कर एवं पौधारोपण कर नदी और पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया है जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के लिए आवश्यक है. सरायकेला जिला के महासचिव दुर्गाराम बैठा ने कहा कि समाज को रूढ़िवादी परमरा से ऊपर उठ कर समाज को जागरूक और शिक्षित होने की आवश्यकता है. कार्यक्रम में मुख्य रूप से शारदा देवी, दुर्गा राम बैठा, अतुल राज, सिया राज,पूनम बैठा,मनोज रजक, वीरेंद्र रजक, सुरेश रजक, सूरज रजक,अशोक रजक, बबलू रजक, बबीता रजक, रितु रानी, निशा रानी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे.




