रांची : हाल ही में पुलिस मुख्यालय द्वारा आठ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपे जाने के निर्णय पर गृह विभाग ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। विभाग ने इसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए आदेश को रद्द कर दिया और पुलिस महानिदेशक कार्यालय से इस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

विभाग ने अपने पत्र में वर्ष 2010 के प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के एक संकल्प का हवाला दिया है, जिसके अनुसार किसी भी अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी को एक महीने से अधिक के लिए जिम्मेदारी देने से पहले मुख्यमंत्री की स्वीकृति आवश्यक है। हालांकि, 10 जून को बिना अनुमति के यह आदेश जारी हुआ, जिसे नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने असंवैधानिक बताया है। आरोप लगाया है कि यह निर्णय एक ‘शैडो डीजीपी’ के प्रभाव में लिया गया, जो स्वयं किसी वैधानिक प्रक्रिया से नहीं गुजरता । इसके जवाब में झामुमो के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने मरांडी पर पलटवार करते हुए कहा कि वे पहले अपने मुख्यमंत्री काल के कार्यों का खुलासा करें। गृह विभाग ने आगे कहा है कि भविष्य में ऐसी गलतियों से बचा जाए और प्रक्रिया के अनुरूप कार्य हो। वर्तमान में, सभी अधिकारी पूर्ववत कार्यभार में बने रहेंगे।




