सरायकेला / (संजीव मेहता) : सरायकेला की बेटी वाणी प्रियंवदा बीपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा में उत्तीर्ण होकर जज बनी है. बीपीएससी द्वारा आयोजित 32वीं न्यायिक सेवा परीक्षा में सिविल जज के लिए वाणी प्रियंवदा का चयन हुआ है. द राष्ट्रीय न्यूज के साथ बातचीत में प्रियंवदा ने बताया कि मेरी प्रंभिक शिक्षा बालक मध्य विद्यालय सरायकेला से हुई है. उसके बाद मेरा नामांकन जवाहर नवोदय विद्यालय सिजुलता में कक्षा नौ में हुआ. जहां से 10वीं में 9 सीजीए और 12वीं परीक्षा में 85 प्रतिशत् अंकों के साथ उत्तीर्ण हुई. तत्पश्चात मैंने बीए एलएलबी की पढाई बेंगलुरु से की. वहां मुझे बेस्ट लॉ स्टूडेंट्स का अवार्ड भी मिला. उसके बाद एलएल.एम. विधि संकाय (Faculty of Law) दिल्ली विश्वविदयालय से किया. जहां मैं अपने बैच की टॉपर रही. एलएल.एम. की पढाई के दौरान ही यूजीसी नेट की परीक्षा उत्तीर्ण किया. तत्पश्चात मेरा सेलेक्शन पीएचडी के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में हुआ।

मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय को पीएचडी के लिए चुना. वर्तमान में मैं दिल्ली विश्वविद्यालय से ही पीएचडी कर रही हूं. पीएच के दौरान ही बीपीएससी द्वारा आयोजित 32वीं न्यायिक सेवा परीक्षा में सिविल जज के लिए मेरा चयन हुआ है. मुझे प्रथम प्रयास में ही सफलता हासिल हुई है. प्रियंवदा ने अपनी सफलता का प्रथम श्रेय अपनी मां को दी जिन्होंने शिक्षा से मेरा पहला परिचय कराया. साथ ही मेरे पिताजी जिन्होंने हर अवसर मुझे उपलब्ध कराया. उसने बताया कि मेरे पिताजी मुरारी प्रसाद सिंह, नृपराज राजकीय+2 उच्च विद्यालय सरायकेला में अच्छे शिक्षक के रूप में कार्य करते रहे हैं. पिताजी का मार्गदर्शन और उनसे हमेशा प्रेरणा मिलती रही, जिसके कारण आज में इस मुकाम पर पहुंची हूं।




