सरायकेला : / (संजीव मेहता) : सरायकेला जिला मुख्यालय से खरसावां जानेवाले पथ में संजय नदी पर सात करोड़ रुपये की लागत से बनी गोविन्दपुर पुल फिलहाल एप्रोच रोड के बिना बेकार हो गया है. अब विभाग द्वारा दोबारा एप्रोच रोड के लिए ई-निविदा निकालने की तैयारी शुरू की जा रही है. विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार 6 42 करोड़ से एप्रोच रोड बनने वाली है जिसके लिए ई निविदा निकाली जाएगी. बता दें कि संजय नदी पर सात करोड़ रुपये की लागत से 8 साल पहले गोविन्दपुर पुल बनना शुरू हुआ था जो अब तक एप्रोच रोड के बिना बेकार पड़ा हुआ है. सरायकेला- खरसावां मुख्य सडक पर खापरसाई गांव के समीप संजय नदी पर 8 साल पहले लगभग सात करोड़ की लागत गोविन्दपुर पुल बनना शुरू हुआ था. जो एप्रोच रोड के बिना बेकार पड़ा हुआ है. एप्रोच रोड के लिए ई-निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है. एप्रोच रोड का निर्माण पथ निमार्ण विभाग सरायकेला-खरसावां के द्वारा कराया जायेगा. जिसका प्राक्कलन 6,42,91,617.25 रुपये (छह करोड़ बयालीस लाख ईकानवे हजार छह सौ सत्रह और पच्चीस पैसे) की तैयार की गई है. निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद संजय नदी पर बने पुल में एप्रोच रोड कार्य निर्माण शुरू हो जायेगा ऐसा भरोसा जताया जा रहा है. पथ निर्माण विभाग की अगले छह माह में एप्रोच रोड निर्माण कार्य पूर्ण करने की योजना है. बता दें कि खरसावां-सरायकेला मुख्य सडक पर खापरसाई गांव के समीप संजय नदी पर लगभग सात करोड़ की लागत से गोविन्दपुर पुल का निर्माण किया गया था. यह पुलिया आठ साल पहले बना था. लेकिन एप्रोच रोड नही होने पुलिया बेकार पड़ा हुआ है. जिसका उपयोग नही हो रहा है. जिसके कारण लोगों को आज भी आवागमन में काफी परेशानी हो रही है. साईकिल चालक, बाइक, छोटे-छोटे वाहन से लेकर बडे वाहनों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है. विभाग के लापरवाही के कारण आठ वर्ष पहले बना नया पुलिया में आवागमन बंद है. फिलहाल वाहनों का आवागमन संजय नदी के पुराने पुल से ही हो रहा है।

संजय नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रतिवर्ष पुराना पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाता है. बार-बार पुलिया का मरम्मत करवा कर काम चलाया जाता है. पिछले वर्ष पुराना पुल का गार्डवाल टूट गया है जिससे हमेशा खतरा बना रहता है. पुराना पुल जर्जर अवस्था में है. वर्षो पूर्व बनाए गए इस पुराने पुल की ऊंचाई काफी कम है. ऐसे में जब भी नदी का जलस्तर बढ़ता है तो यह पुल डूब जाता है और आवागमन प्रभावित होता है. जिससें खरसावां-कुचाई का सरायकेला-खरसावां जिला मुख्यालय से संपर्क कट जाता है. नई पुल की ऊंचाई पुराने पुल के मुकाबले करीब 10 फीट अधिक है. पुल निर्माण के साथ एक साइड में एप्रोच रोड का कार्य पूर्ण हो चुका है दूसरे साइड एप्रोच रोड का कार्य भू अर्जुन कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण पूरा नहीं हो सका. अब शेष एप्रोच रोड की निविदा प्रक्रिया शुरू हो गया है. इससे लोगों की आवागमन शुलभ होने की उम्मीद है।




