Saraikela ( संजीव मेहता) : भले ही हर महीने साफ सफाई कार्यों के ऊपर विभिन्न एजेंसियों और उनके सफाईकर्मी पर करोड़ों रुपये खर्च करते हों लेकिन मानसून की एक दिन की बारिश ने उनका पोल खोलकर रख दिया है. वार्ड 17 अंर्तगत आनेवाले इस रिहायशी मुहल्ले के लोग आज नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं. 7 एल एफ के 18 नंबर से लेकर 12 नंबर तक के ब्लॉक में रहनेवाले करीब 1 हजार परिवारों के घरों में नाली का दुर्गन्धयुक्त पानी घुस आए हैं, वे घरों के बाहर रहने को विवश हैं.

इसी मुहल्ले में नगर निगम के पूर्व संवेदक और निवर्तमान पार्षद रहती हैं जो बताती हैं कि वे अपने कार्यकाल में सभी ब्लॉकों के नाली की सफाई नियमित रूप से कराती थीं तब वर्षा का पानी नाली के माध्यम से नदी में चली जाती थी लेकिन वर्तमान में मुहल्ले में सीवरेज की टंकी बन जाने और नियमित नाली की सफाई नहीं होने से स्थिति नारकीय हो गया है.




