रांची:राज्य में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर इन दिनों राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचलें तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार आईएएस,आईपीएस अधिकारियों के बीच अपनी पसंदीदा पदस्थापना को लेकर सभी अपनी-अपनी गोटी सेट करने में लगे हुए हैं। रांची इन दिनों अधिकारियों की गतिविधियों का केंद्र बनी हुई है, जहां अलग-अलग स्तर पर मुलाकातों और बैठकों का दौर लगातार होने की चर्चाएं हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, कई अधिकारी अपनी वर्तमान पोस्टिंग से संतुष्ट नहीं हैं और बेहतर या प्रभावशाली पदों की तलाश में जुटे हुए हैं। इसके लिए वे राजनीतिक, प्रशासनिक संपर्कों को मजबूत करने, वरिष्ठ नेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों से मुलाकात करने और अपनी दावेदारी को मजबूत करने में लगे हैं। इसे लेकर ‘गोटी सेट’ करने और पैरवी लगाने का सिलसिला तेज हो गया है। प्रशासनिक महकमे में यह भी चर्चा है कि आगामी दिनों में बड़े पैमाने पर फेरबदल संभव है। ऐसे में कई जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक समेत महत्वपूर्ण विभागों में पदस्थ अधिकारियों के स्थानांतरण की अटकलें लगाई जा रही हैं। इससे प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा आने की उम्मीद भी जताई जा रही है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह बदलाव पूरी तरह से पारदर्शिता और कार्यक्षमता के आधार पर होगा या फिर इसमें राजनीतिक दबाव हावी रहेगा।

राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे को लेकर हलचल कम नहीं है। सत्तारूढ़ दल के नेताओं से लेकर विपक्ष तक, सभी की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि किन अधिकारियों को कहां तैनाती मिलती है। कई क्षेत्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी अपनी पसंद के अधिकारियों को लाने के लिए सक्रिय हो गए हैं, जिससे ट्रांसफर-पोस्टिंग का मुद्दा और अधिक संवेदनशील बन गया है। वहीं सूत्रों के अनुसार जिले के कप्तान से पहले, कई थानेदार उधर से उधर हो जाएंगे। जिसकी शुरुआत जमशेदपुर, धनबाद और रांची में हुए थानेदारों की ट्रांसफर पोस्टिंग से, देखा जा रहा है। वही सूत्रों एवं चर्चाओं के अनुसार सूची जल्द जारी होने की चर्चाएं भी जोरो से चल रही है। जिसमें जिले के कई डीसी ,एसपी, डीएसपी, सहित हुए ट्रांसफर पोस्टिंग में भी बदलाव किए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार जिन जिलों में कानून-व्यवस्था की चुनौतियां अधिक हैं, वहां अधिकारियों के अनुभव और कार्यशैली के आधार पर नई नियुक्तियां भी की जा सकती हैं।




