सरायकेला: आदित्यपुर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की कार्रवाई के दौरान रेलवे उपकरणों की गैरकानूनी खरीद-बिक्री का एक बड़ा मामला आरपीएफ इंस्पेक्टर अजीत कुमार सिंह ने उजागर किया है। गुप्त सूचना के आधार पर आरपीएफ की टीम ने डिमना के मुखियाडागा इलाके में स्थित एक गोदाम पर दबिश दी, जहां भारी मात्रा में रेलवे सामग्री मिली। टीम ने गोदाम से लगभग तीन टन ईएम पैड और इलेक्ट्रोमेरिक पैड जब्त किए, जो टाटानगर के C&W विभाग में वैगन की मरम्मत और संचालन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री है।
छापेमारी के दौरान गोदाम के संचालक ने कुछ दस्तावेज दिखाए, जिनमें असद अंसारी नामक व्यक्ति द्वारा माल दिए जाने की बात दर्ज थी। कागज़ों में हस्ताक्षर और मुहरें भी थीं, लेकिन जांच में पाया गया कि यह पूरा रिकॉर्ड संदिग्ध है। असल में इन पार्ट्स को “रिजेक्टेड” दिखाकर आरएम कंपनी को लौटाने का झूठा हिसाब तैयार किया जा रहा था। न तो असद के पास किसी अधिकृत संस्था की अनुमति थी और न ही वह किसी कंपनी से प्रमाणित प्रतिनिधि था।

जानकारी के अनुसार असद अंसारी, राउरकेला का निवासी है और लंबे समय से विभिन्न कंपनियों का अधिकारी बनकर रेलवे आइटमों के अवैध लेन-देन में सक्रिय था। जांच में यह भी सामने आया कि बड़े पैमाने पर नए पार्ट्स को कबाड़ का रूप देकर औने-पौने दामों पर बेचा जा रहा था। एक नया ईएम पैड जहां बाजार में 2150 रुपये का है, वहीं इसे मात्र 26 रुपये प्रति किलो की दर से स्क्रैप में उतारा जा रहा था। जुलाई माह में भी उसने इसी तरह टाटा से माल उठाया था और हरियाणा की एक कंपनी के 45 पीस बाहर भेजे जाने की पुष्टि हुई है।
सूत्रों के अनुसार पूरा मामला टाटानगर के स्टोर सेक्शन से जुड़ा हुआ है। आरपीएफ इसे बड़े वित्तीय अनियमितता का संकेत मानते हुए विस्तृत जांच में जुट गई है। विभागीय अधिकारियों और निजी कंपनियों से सभी संबंधित रिकॉर्ड मांग लिए गए हैं। मामला सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन में खलबली मची हुई है। वही आरपीएफ इंस्पेक्टर अजीत कुमार सिंह पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए छानबीन में जुटे हुए हैं। जिससे हड़कंप मचा हुआ है।






