दिल्ली ( प्रतीक सिंह ) : भारतीय रेलवे ने यात्रा के समय फर्जी पहचान दस्तावेजों के उपयोग को रोकने के लिए एक नई तकनीकी पहल की शुरुआत की है। अब सभी ज़ोनल दफ्तरों को निर्देश दिया गया है कि टिकट चेकर mAadhaar मोबाइल एप का उपयोग कर यात्रियों की पहचान सुनिश्चित करें। यह निर्णय उन मामलों के बाद लिया गया है।

जिनमें अवैध रूप से भारत में रह रहे लोग नकली पहचान पत्र का उपयोग कर रहे थे। mAadhaar, जिसे UIDAI ने विकसित किया है, एक डिजिटल माध्यम है जो आधार से संबंधित जानकारी की पुष्टि करता है। इसमें मौजूद QR कोड को स्कैन कर व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता, जन्मतिथि, लिंग और आधार संख्या तुरंत देखी जा सकती है। यह एप बिना इंटरनेट के भी उपयोग किया जा सकता है, जिससे जांच प्रक्रिया तेज और सुलभ होती है। यह सुविधा सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ट्रेन में सेवाएं देने वाले ठेका कर्मचारियों की पहचान की जांच भी इसी माध्यम से की जाएगी। किसी भी अनियमितता की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी जाएगी। जल्द ही इसे टीसी के हैंड डिवाइस में भी जोड़ा जाएगा, जिससे पहचान प्रक्रिया और प्रभावी बनेगी।




