चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में 20 दिसंबर को हजारीबाग जेल के गार्ड निर्मल एक्का और 22 दिसंबर को उनकी पत्नी रश्मि मोनिका की हत्या का खुलासा पुलिस ने किया। एसपी आशुतोष शेखर ने बताया कि हत्या का कारण रुपये के लेनदेन का विवाद था। पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड में तीन आरोपियों—रामराई सुरीन, बुधन सिंह सवैयां, और मंगता सुरीन—को गिरफ्तार कर लिया है। रामराई ने स्वीकार किया कि रुपये के बदले खराब कार देने को लेकर निर्मल के साथ उसका विवाद हुआ था। जेल से छूटने के बाद उसने निर्मल की कार ली, लेकिन उसे खराब पाकर निर्मल ने पैसा वापस न देने की धमकी दी। इसके बाद रामराई ने हत्या की साजिश रची। निर्मल और उनकी पत्नी 17 दिसंबर को चाईबासा पहुंचे, जहां रामराई और उसके सहयोगियों ने उन्हें अपने साथी बुधन सिंह के घर पर रखा।

19 दिसंबर को उन्हें जंगल ले जाकर निर्मल की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई। अगले दिन रश्मि को भी मौत के घाट उतारा गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, मोबाइल, और कार बरामद की है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक तरीकों से मामले को सुलझाया। रामराई पर पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।




