सरायकेला : सरायकेला खरसावां जिले के नवनियुक्त उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। झारखंड के पलामू जिले से ताल्लुक रखने वाले नीतीश ने अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की। नीतीश की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भवनाथपुर के एक स्कूल से प्राप्त की और बाद में बोकारो के डीपीएस से कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने IIT धनबाद से B.Tech की डिग्री प्राप्त की और ग्रेजुएशन के दौरान गरीब बच्चों को ट्यूशन देकर समाज सेवा का भी काम किया।
नीतीश ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की और दो बार असफल होने के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार, साल 2016 में तीसरे प्रयास में उन्होंने 23वीं रैंक प्राप्त की। उनकी सफलता का राज है धैर्य और मेहनत। वह कहते हैं कि इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए मेहनत के साथ ही धैर्य रखना भी बेहद आवश्यक है। नीतीश का मानना है कि यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए बड़े शहर में रहना आवश्यक नहीं है। टेक्नोलॉजी के इस दौर में इंटरनेट पर ही ज्ञान का भंडार उपलब्ध है। सही स्ट्रेटजी और कठिन परिश्रम के साथ इस परीक्षा को पास किया जा सकता है। वह सीमित लेकिन अच्छी किताबों और इंटरनेट के सही उपयोग पर जोर देते हैं।

नीतीश की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी सफलता ने साबित किया है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। नीतीश की सफलता के मूल मंत्र धैर्य और मेहनत है। नीतीश का मानना है कि यूपीएससी परीक्षा में सफलता पाने के लिए मेहनत के साथ ही धैर्य रखना भी बेहद आवश्यक है।




