Saraikela (संजीव मेहता) : बिहार में नक्सलवाद को सीधी तौर पर सेना बनाकर जवाब देने वाले ब्रह्मेश्वर मुखिया को अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि युवा मंच सरायकेला ने सोमवार को नमन किया. मंच ने मुखिया जी के 14वें शहादत दिवस पर आज भव्य रैली निकाली और एशिया भवन में श्रद्धा सुमन सभा के रूप में अर्पित किया. श्रद्धांजलि सभा मे वक्ताओं ने कहा कि क्रांतिकारी कभी मरते नहीं, उनके विचार हमेशा अमर रहेंगे.
इस सभा में मंचासीन रहे ब्रह्मर्षि समाज के अध्यक्ष कैप्टन आर पी सिंह, संरक्षक उपेंद्र शर्मा, प्रेम कुमार सिंह, दीपू कुमार सिंह, रमन सिंह, रंजीत शांडिल्य, युवा मंच के महासचिव अशोक सिंह, युवा मंच के संरक्षक ठाकुर लालबाबू सिंह, पूर्वी सिंहभूम के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, महासचिव जय कुमार, कोषाध्यक्ष निवास सिंह, युवा मंच के अध्यक्ष गौरव राज, पार्षद सुधीर चौधरी, सरायकेला के अध्यक्ष प्रिय रंजन, उपाध्यक्ष मुकेश कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष कमल नयन आदि. स्वागत भाषण मुकेश कुमार ने दिया. मंच संचालन विमल सिंह कुमार ने किया.

* युवा मंच के सदस्यों ने विचार रखा- श्रद्धांजलि सभा मे विचार रखने वालों में युवा साथी रितिक सिंह ने मुखिया जी के बारे में उनके इतिहास का चरित्र चित्रण किया. उन्होंने 1990 के नक्सली हिंसा के विरुद्ध आवाज उठाने वाले रणवीर सेना के संस्थापक ब्रह्मेश्वर मुखिया जी को नमन किया. उन्होंने बताया कि नक्सलियों से लोहा लेने वाले खोपडा गांव से लगातार मुखिया रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया ने तब सोना बेचकर लोहा खरीदने का आह्वान करते हुए जमीन और अस्तित्व बचाने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि डरकर जीने से बेहतर है लड़कर मरना. युवा साथी दीपेंद्र कुमार ने विचार रखते हुए स्वर्गीय ब्रह्मेश्वर मुखिया के कीर्ति का बखान किया. वीरेंद्र सिंह ने भी विचार रखे. उन्होंने कहा कि मुखिया जी फौलादी व्यक्ति थे, वे कभी पीछे मुड़कर नहीं देखे. समाज मे नैतिकता स्थापित करने के लिए वे आजीवन लड़े और 1 जून 2012 को शहीद हुए. युवा मंच के सदस्य आदर्श कुमार, राजेश सिंह, कुमार देवेंद्र ने विचार व्यक्त किये.
* जमीन ही नहीं बहु बेटियों की इज्ज़त की रक्षा के लिए बनी थी रणवीर सेना- ब्रह्मेश्वर मुखिया ने केवल एक जाति के लिए नहीं बल्कि सर्व साधारण के लिए, जमीन के साथ बहू बेटियों की इज्ज़त की रक्षा के लिए रणवीर सेना का गठन किया था. यह बातें दीपू सिंह ने कही. वक्ताओं में कुमुद रंजन ने भी ब्रह्मेश्वर मुखिया के आदर्शों को अपनाने की अपील की. युवा मंच पूर्वी सिंहभूम के अध्यक्ष गौरव राज ने कहा मुखिया जी एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक शख्सियत थे. उन्होंने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ न झुकने का आह्वान किया था. उपेंद्र शर्मा ने उनकी कमी को अपूर्णीय क्षति बताया. किसी भी जाति के साथ अन्याय हो तो वहां ब्रह्मर्षि न्याय की लड़ाई लड़े यह मेरा आह्वान किया.
* श्रद्धांजलि सभा में ये रहे मौजूद- प्रेम कुमार निर्मल, अमरनाथ ठाकुर, संजीव सिंह, नरेंद्र चौधरी, जतन सिंह, कुमुद रंजन, विनोद सिंह आदि मौजूद रहे.





