रांची: सरायकेला खरसावां जिले में महिलाओं और बालिकाओं के सामाजिक तथा आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस संबंध में आदित्यपुर की सीडीपीओ दुर्गेश नंदिनी ने बेबाकी से सरकार की चल रही, महिलाओं के लिए, योजनाओं को विस्तृत रूप से बताते हुए कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना तथा समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करना है।
वही एक सवाल के जवाब में सीडीपीओ दुर्गेश नंदिनी ने बताया कि आज के समय में महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास की आवश्यकता बन चुका है। सरकार की योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार और विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। सीडीपीओ दुर्गेश नंदिनी ने कहा कि योजनाओं का पहला प्रमुख उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना है। जब बेटियां शिक्षित होंगी तभी वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनेंगी और समाज में अपनी पहचान स्थापित कर सकेंगी।

इसके लिए विभिन्न छात्रवृत्ति, प्रोत्साहन और सहायता योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि दूसरा महत्वपूर्ण उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाना है। बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है बल्कि यह बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए समाज के सभी वर्गों को इसके खिलाफ जागरूक होना चाहिए। सीडीपीओ ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना योजनाओं का तीसरा प्रमुख लक्ष्य है। विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्वयं सहायता समूहों तथा रोजगारोन्मुखी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और उनका लाभ उठाएं। “बेटियों को पढ़ाएं, बाल विवाह रोकें और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं” तभी एक सशक्त, शिक्षित और समृद्ध समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।





