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देहरादून : चौकीय नहीं जनाब जिनके हौसले मजबूत और परवान होते हैं। वे किसी सफलता के मोहताज नहीं होते हैं। उनकी जिंदगी के एक उद्देश्य और लक्ष्य किसी भी कठिनाइयों के सामना करने और सफलता पाने के लिए मोहताज नहीं होते। यह कर दिखाया है देहरादून उत्तराखंड के चमोली जिले के अंकिता ने जो यूजीसी जेआरएफ में ऑल इंडिया दूसरा रैंक प्राप्त कर पूरे अपने हौसले और जज्बात सहित सफलता की कहानी गढकर समाज में एक अलग मिसाल कायम की है।

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बचपन से दोनों हाथ नहीं रहने के बावजूद भी मजबूत हौसले से जीवन की सफलता पाई ।कहा जाता है जिसके हौसले मजबूत होते हैं वह किसी के मोहताज नहीं होते हैं। मजबूत हौसलों से अपने पैरों से लिखी परीक्षा और सफलता प्राप्त कर बनी दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत
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