रांची : झारखंड को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत अन्य राज्यों की तुलना में अपेक्षाकृत कम मात्रा में अनाज प्रदान किया गया है। उसे केवल 1,45,999.45 मीट्रिक टन गेहूं और चावल प्राप्त हुए हैं, जबकि पड़ोसी राज्य बिहार को इससे तीन गुना अधिक यानी 4,60,591.70 मीट्रिक टन दिया गया। इसी प्रकार मध्यप्रदेश को 2,91,149.57 और उड़ीसा को 1,87,651.95 मीट्रिक टन अनाज मिला है। सबसे अधिक लाभ उत्तर प्रदेश को हुआ, जिसे 8,26,056.23 मीट्रिक टन खाद्यान्न प्राप्त हुआ।

अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत भी झारखंड को अन्य राज्यों की तुलना में सीमित आपूर्ति मिली है—सिर्फ 31,285.10 मीट्रिक टन। वहीं बिहार को 87,535.00, मध्यप्रदेश को 51,217.63 और उड़ीसा को 43,849.57 मीट्रिक टन अनाज आवंटित किया गया।
प्रायोरिटी हाउसहोल्ड श्रेणी में भी झारखंड को अपेक्षाकृत कम—1,14,714.35 मीट्रिक टन—अनाज मिला। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों को इससे कहीं अधिक खाद्यान्न प्राप्त हुआ है, जिससे झारखंड की स्थिति स्पष्ट रूप से कमज़ोर प्रतीत होती है। यह वितरण असंतुलन चिंता का विषय बन गया है।




