
जमशेदपुर: जमशेदपुर, व्यापारियों पर हुए लाठी चार्ज की घटना को झारखण्ड मानवाधिकार संगठन जेएचआरसी ने काफ़ी गंभीरता से लिया है।संगठन प्रमुख मनोज मिश्रा ने भईयाडीह मे आयोजित संगठन की एक बैठक मे उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सिर्फ सिटी मैनेजर एवं कुछ होमगार्ड को हटा देने से मामले को रफा दफा नहीं किया जा सकता है।सभी दोषियों पर ना सिर्फ़ जानलेवा हमला करने का आपराधिक मामला चलाया जाना चाहिए बल्कि उन्हें उनके जॉब से बर्खास्त किया जाना चाहए। मनोज मिश्रा ने बैठक मे कहा कि माननीय मंत्री के आश्वाशन पर इस अत्यंत लोमहर्षक घटना को समाप्त नहीं किया जा सकता है।आखिर लाठी चलाने का आदेश किसने दिया और यह नौबत क्यों आयी। अतिक्रमण हटाने से पूर्व विधिवत प्रक्रिया क्यों नहीं अपनायी गयी? नोटिस क्यों नहीं दिया गया? इतने सारे होमगार्ड के जवानों को किस मकसद से अतिक्रमण हटाने लें जाया गया। क्या इसकी जानकारी जेएनएसी के वरीय अधिकारियो को नहीं थी? ऐसे कई प्रश्न है जिस पर सभी सम्बंधितो को जवाब देना होगा।
मनोज मिश्रा ने जानना चाहा है कि हाईकोर्ट के आदेश पर कराये जा रहे नक्शा विचलन मामले की जाँच मे सारी गड़बड़ी के पीछे जेएनएसी की भूमिका संदिग्ध दिख रही है, क्यों नहीं लाठी चार्ज की घटना को भी इस मामले से जोड़ कर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग मे भेजा जायेगा।आज की बैठक मे मनोज मिश्रा के साथ सालावत महतो, मानव राय चौधरी, अनीमा दास, रेणु सिंह, किशोर वर्मा, डी एन शर्मा, निखिल झा, ऋषि गुप्ता,सुभश्री दत्ता, रीना दास, सोमवारी, अंजू देवी सहित अन्य शामिल थे।




