जमशेदपुर : जमशेदपुर के JNAC के हिटलर शाही फरमान के खिलाफ जमशेदपुर ऑल मार्केट एसोसिएशन के बैनर तले शहर के 10 सैरात बाजार की दुकानदारों ने JNAC कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध प्रकट की है. इस मौके पर संगठन के महासचिव नसीम अंसारी ने JNAC के पदाधिकारी को हिटलर की संज्ञा दी है उन्होंने कहा कि जिस तरह से फरमान 10 सैरात बाजार को दी है वह नई दुकान अलॉट करनी जैसी है, जबकि यह बाजार पूर्वजों के समय से चलती आ रही है.
बाजार स्थापना से लेकर कुछ वर्ष पूर्व तक टाटा स्टील द्वारा बाजार मास्टर के माध्यम से भाड़ा लिया जाता था जिसके बदले में उनके द्वारा मेंटेनेंस भी की जाती थी, लेकिन जब से JNAC ने अपने हाथों में लिया है वह सिर्फ शुल्क वसूली तक ही सिमित है. मेंटेनस का पूरा कार्यभार दुकानदारों को ही अपने खर्चे पर उठना पड़ता है ऐसे में शुल्क बढ़ोतरी करना सरासर गलत है जिसका दुकानदार पुरजोर विरोध करता है. वही अध्यक्ष हरमीन्दर सिंह मंटू ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व भी इसी तरह का भाड़ा वृद्धि की गई थी जिसका दुकानदारों द्वारा विरोध करने पर तत्कालीन उपायुक्त ने इस पर रोक लगा दी थी।

एक बार फिर JNAC द्वारा इस तरह का तुगलगी फरमान जारी कर दुकानदारों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है. मंटू ने कहा कि वह भाड़ा वृद्धि के विरोधी नहीं है लेकिन प्रति स्क्वायर फीट जो भाड़ा तय की गई है वह सरासर गलत है और उसे दुकानदार नहीं देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि तत्कालीन उपायुक्त ने एक कमेटी गठित की थी जिसमें यह निर्देशित था कि जब भी किसी तरह का कार्य की जाएगी उससे पहले वार्ता कर निर्णय लिया जाएगा उस निर्देश का भी JNAC ने नजरअंदाज़ की है. फिलहाल संगठन ने मांग की है की, विभाग ने जो आदेश जारी की है वह किन के निर्देश पर किया गया है वह कागजात प्रस्तुत करे अन्यथा तब तक यह आंदोलन अनिश्चितकालीन जारी रहेगा.




