जमशेदपुर : देश में इमरजेंसी लगे आज 50 वर्ष हो गए जिसे देशवासी काला अध्याय के रूप में जानते हैं और ऐसी स्थिति दोबारा भारत में ना हो इसकी भी कामना करते हैं। इसे लेकर 90 दिन जेल में रहे सोनारी निवासी आनंद मार्गी 77 वर्षीय रमाशंकर सिंह से खास बातचीत में 23 महीने रहे इमरजेंसी के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आनंद मार्ग के कार्य और बुराई से दूर रहने के क्रियाकलापों और प्रचार से वे प्रभावित हुए और 1964 में पढ़ाई करते हुए 16 वर्ष की उम्र में दीक्षा ग्रहण की, इसके बाद निरंतर उससे जुड़े रहते हुए जमशेदपुर के ब्लॉक स्तर पर उन्हें ऑर्गेनाइजर के रूप में कार्य भार दिया गया। इसी बीच 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी के कार्यकाल में इमरजेंसी लग गई इसके बाद आनंद मार्ग के अलावे कई प्रचारक संस्था सामाजिक और धार्मिक सहित 33 संस्थाओं पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। जिसे लेकर कार्यकर्ताओं के घरों में पुलिस की निगरानी लगा दी गई थी रमाशंकर सिंह संस्था से जुड़े होने के साथ टाटा स्टील में भी कार्य करते थे लेकिन घरों में निगरानी होने के कारण वह अपने दोस्तों और परिचितों को घर में छुपकर रहने लगे इसी दौरान 27 जून को जब से ड्यूटी से लौटकर साकची स्थित बिहार एसोसिएशन के समीप होटल में अल्पाहार ले रहे थे तभी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर सोनारी थाना ले गई उनके साथ पांच अन्य लोग भी गिरफ्तार हुए थे दूसरे दिन जमशेदपुर कारागार भेज दिया गया लेकिन सुविधाओं की कमी होने के कारण गया के सेंट्रल जेल गया ले जाया गया, जहां 90 दिन रहे इस बीच उन्होंने यादों को ताजा करते हुए कहा कि उनके साथ बिहार के मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिंह के भतीजे अमितानंद अवधुर भी थे, सभी के परिवार के लोग मिलने आते थे लेकिन वे अपनी मां से नहीं भेंट करते थे उनका कहना था कि मां उन्हें देखेगी तो काफी दुखी होगी। इसी तरह कई अन्य लोगों की भी अपनी दास्तान थी। बहरहाल 90 दिन बाद वे जेल से रिहा हुए, लेकिन जब कंपनी में दोबारा कार्य करने पहुंचे तो वे कार्य से निष्कासित हो चुके थे दुबारा काफी प्रयास के उपरांत 10 माह बाद उन्हें पुनः बहाल किया गया। वहीं 23 महीने बाद इमरजेंसी समाप्त हुई और चुनाव में इंदिरा गांधी बुरी तरह से हार गई इन खट्टी मीठी यादों के बीच रमाशंकर सिंह ने कहा कि वह काला अध्याय आज भी जेहन में घूमता है और वह भगवान से कामना करते हैं कि वैसा दिन वैसा इमरजेंसी दोबारा भारत में कभी ना आए।




