जमशेदपुर : जमशेदपुर में गुरुवार को अजीब राजनीतिक स्थिति पैदा हो गई जब कांग्रेस पार्टी ने साकची भाजपा कार्यालय में प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेसियों के झंडे को टुकड़े टुकड़े कर पैरों से कुचला गया,जिससे माहौल और गरमा गया जिसे काबू करने के लिए वहां मौजूद पुलिस बल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि यह प्रदर्शन पूर्व घोषित कार्यक्रम था और जमशेदपुर में कभी पहले ऐसा नहीं हुआ की दो राष्ट्रीय पार्टी एक दूसरे के कार्यालय में प्रदर्शन किया हो।
यह प्रदर्शन कांग्रेस की ओर से इसलिए आयोजित की गई की भाजपा के इशारे पर ED और CBI के द्वारा सोनिया और राहुल गांधी को परेशान किया जा रहा हैं,जबकि इसे लेकर पिछले दिनों दिल्ली हाई कोर्ट ने पूरे मामले को तथ्यहीन कहते हुए खारिज कर दिया था, बावजूद भाजपा के इशारे पर लगातार उन्हें परेशान किया जा रहा है। इसे लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह के आह्वान पर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बीजेपी कार्यालय पहुंचे। हालांकि पूर्व घोषणा के कारण जिला प्रशासन भी मुस्तैद थी और भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर भाजपा कार्यालय से कुछ दूरी पर ही बैरिकेटिंग कर उन्हें रोक दिया था, बावजूद दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ जमकर प्रदर्शन की इस बीच तू तू मैं मैं भी हुई। वहीं भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों के मौजूदगी में कांग्रेस के झंडा को फाड़कर कर पैरों से कुचला गया। यह देख पुलिस ने टकराव की आशंका को देखते हुए दोनों पक्षों को हटाया।

इसे लेकर जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने भाजपा के अनुशासनहीनता और तानाशाही रवैया के खिलाफ घोर निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता गांधीवादी नीति के तहत अपनी बातों को रखने आए थे लेकिन भाजपा के गुंडा मानसिकता वाले कार्यकर्ता डंडे से विपक्ष की बातों को दबाने का प्रयास किया है, जिसे लेकर यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और संसद में भी भाजपा के इस घिनौने कृत्य के खिलाफ आवाज उठाएंगे। वहीं भाजपा के जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने कहा की अपने और समाज के आत्म सम्मान के लिए जरूरत पड़ी तो डंडा क्या बंदूक और गोली भी चलाने से पीछे नहीं हटेंगे। भाजपा के इस बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है माना यह भी जा रहा है कि आने वाले समय पर झंडा फाड़ने और भाजपा कार्यालय में प्रदर्शन करना विस्फोटक रूप धारण कर सकता है।




