
रांची: झारखंड की राजनीति में फिर से एक बार झारखंड के पूर्व सीएम और वर्तमान मे उड़ीसा के राज्यपाल रघुवर दास की एंट्री होने होने को लेकर चर्चा सुर्खियों में है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन वह चर्चाओं के अनुसार अगले माह जुलाई में उड़ीसा के गवर्नर पद से इस्तीफा दे सकते हैं। यह चर्चा रघुवर दास के काफी करीबी माने जाने वाले कार्यकर्ताओं के बीच होने की खबर से आ रही है । यह अपुष्ट खबर सूत्रों के हवाले से मिल रही खबरों के मुताबिक रघुवर दास के बेहद करीबी माने जाने वाले भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच अंदरूनी तौर पर इस बात की चर्चा होने की खबर जोरो से चल रही है ।लेकिन भाजपा के कुछ ही कार्यकर्ताओं के इस बात से वाकिफ होने की बात बताई जा रही है। जिन्हे अभी किसी से उजागर नहीं करने को कहा गया है।
सूत्रों का कहना है कि बेहद गोपनीय तरीके से इस पर काम तैयारी के साथ चल रहा है । इसका कारण बताया जा रहा है कि झारखंड की राजनीति से पूर्व सीएम रघुवर दास का काफी लगाव रहा है।जिसके कारण झारखंड की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आने वाली है। इधर दूसरी ओर रघुवर दास के घोर प्रतिद्वन्दी माने जाने वाले जिन्होंने 2019 के विधानसभा चुनाव में तकरीबन 15000 वोटो से रघुवर दास को शिकस्त दी थी। एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को टेंशन देने की तैयारी में हैं।विधायक सरयू राय ने भी आगामी विधानसभा के लिए ताल ठोंकना और तैयारी शुरू कर दिया है।जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजमो को थर्ड फ्रंट (तीसरे मोर्चा) के रूप में खड़ा किया जायेगा। रांची में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजमो की प्रदेश स्तरीय बैठक में कई मुद्दे पर चर्चाएं होगी। जिसमें राज्य के अंतर्गत आनेवाली विभिन्न विधानसभा की सीटों पर चुनाव लड़ने पर विचार-विमर्श किया जायेगा।
झारखंड की आगामी विधानसभा चुनाव काफी रोचक और बहुत टेंशन वाला होने की संभावना जताई जा रही है। अगर झारखंड की राजनीति में जो चर्चाएं रघुवर दास को लेकर चल रही है ,सच साबित होती है, तो रघुवर दास के कारण झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस को भी कड़ी चुनौती मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि रघुवर दास आगामी विधानसभा चुनाव में विधायक सरयू राय से अपने पुरानी कर्मियों को सुधार कर पुरानी हार का हिसाब चुकता करने की तैयारी में जुटेंगे। झारखंड की राजनीति में एक बार फिर रघुवर दास की एंट्री से झारखंड की राजनीति के तस्वीर कुछ अलग ही दिखेंगे !?




