जमशेदपुर : जमशेदपुर के बर्मामाइंस स्थित लाल बाबा फाउंड्री और उसके अंतर्गत आने वाले कैलाश नगर के सैकड़ो गोदाम और घरों को तोड़ने का न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के आलोक में शुक्रवार को करवाई करने की पहल की सूचना के बाद सैंकड़ों की संख्या में व्यापारियों, बस्ती वासी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेतागण विरोध में करवाई स्थल पर जुट गए इनकी जुटान सवेरे 9:00 बजे से ही होने लगी सबका एक ही निर्णय था की किसी भी हालत में टूटने नहीं दिया जाएगा ऐसे में एक दूसरे पर आरोप लगाकर अपनी राजनीति रोटी भी सेकने लगे। पूर्व सांसद अजय कुमार ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए सवाल किया कि जब उनके शासनकाल में 86 बस्तियों को लीज से बाहर कर दिया गया था तो फिर लाल बाबा फाउंड्री वॉल और इससे सटे कैलाश नगर को लीज से बाहर क्यों नहीं किया अगर उस समय ही लीज से बाहर कर दिया जाता तो आज या स्थिति ही नही बनती। वही बीजेपी के जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा, पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार और भाजपा प्रवक्ता अभय सिंह ने वर्तमान सरकार पर ठिकड़ा फोड़ते हुए कहा की अगर सरकार द्वारा मध्यस्थता कर करवाई पर रोक लगा सकती थी।अभय सिंह ने अजय कुमार के सवाल पर कहा की जब टाटा स्टील और लाल बाबा फाउंड्रीके बीच की लड़ाई थी जो न्यायालय के शरण में थी ऐसे में इसे लीज से बाहर नहीं किया जा सकता था । वही दिनेश कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की मईया योजना को लेकर हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन जब जिले के दौरे में है और जमशेदपुर में भी थी तो करवाई स्थल पर पहुंचकर लोगों से क्यों नहीं भेंट की यह सरकार की उदासीनता की मानसिकता दर्शाती है।

वही कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे और व्यवसाई सह समाजसेवी शिव शंकर सिंह ने कहा कि यह स्थिति राजनीति करने की नहीं है बल्कि कार्रवाई को किस तरह से रोका जा सके इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है ना कि एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर राजनीति करना फिलहाल स्थिति जो भी हो लेकिन कार्रवाई को लेकर सभी राजनीतिक दल एक स्थान पर जुट कर कार्रवाई को विरोध अपने-अपने स्तर पर कर रहे हैं वही स्थानीवासियों ने सड़क पर टायर जला कर कार्रवाई के इस आदेश का विरोध कर अपना आक्रोश प्रकट किए। बहरहाल दोपहर 2 बजे तक प्रशासन की ओर से ना कोई कार्रवाई की गई और ना ही कोई अधिकारी ही करवाई स्थल पर पहुंचे।




