जमशेदपुर : आखिर हाई वोल्टेज ड्रामा के साथ लाल बाबा फाउंड्री को पूरे तामझाम के साथ तोड़ने आए प्रशासन वापस लौट गई। बता दें की न्यायालय के द्वारा 70 एकड़ जमीन टाटा स्टील को सौंपने का आदेश दिया गया जिसके आलोक में शुक्रवार को प्रशासन के द्वारा कोर्ट के नाजिर के मौजूदगी में तोड़े जाना था लेकिन स्थानीय वासियों, व्यवसाई और राजनीति दल के नेता तोड़ने के विरोध में जुट गए थे।वहीं प्रशासन फोर्स के साथ न पहुंचे इसके लिए स्थानीय वासियों ने टायर जलाकर सड़क को अवरोध कर दिया था। इधर दोपहर 2:00 बजे बाद न्यायालय की ओर से नजीर धीरज कुमार टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट के अधिकारी और जिला प्रशासन के पदाधिकारी पांच जेसीबी और काफी संख्या में फोर्स के साथ पहुंचे उनके आते हैं वहां सैकड़ो की संख्या में मौजूद लोगों ने हो हल्ला कर प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करने लगे इसी बीच पूर्व सांसद अजय कुमार ने अधिकारियों से वार्ता कर कार्यवायी पर रोक लगाने की मांग की इनका कहना था कि भले ही न्यायलय के द्वारा जमीन को खाली करने का आदेश दिया हो लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारियों के मौजूदगी में तीन दिनों के अंदर 70 एकड़ जमीन का सर्वे कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की वही लॉ एंड ऑर्डर को देखते हुए प्रशासन भी बैक फुट पर आ गई और अपने बड़े अधिकारियों को सूचना देते हुए उनके निर्देश का पालन करने की बात कह वापस लौट गई इसे लेकर नाजिर धीरज कुमार ने कहा कि 1970 से ही यह मामला न्यायालय में था टाटा स्टील के द्वारा लाल बाबा फाउंड्री लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था इसके बाद अलग-अलग चरणों में न्यायालय के प्रक्रिया पूरी होने के बाद टाटा स्टील के पक्ष में फैसला आया जिसमें लाल बाबा फाउंड्री के 70 एकड़ जमीन को टाटा स्टील को सौंपने का निर्देश दिया गया जिसे लेकर कार्रवाई की जानी है।

इधर प्रशासन के वापस चले जाने से स्थानीवासियों में खुशी देखी गई वहीं कांग्रेसियों ने डॉक्टर अजय कुमार की जीत बताया इस पर डॉ अजय कुमार ने एक बार फिर भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि इस ज्वलंत समस्या को लेकर ना क्षेत्र के विधायक पहुंचे और ना ही जमशेदपुर के सांसद विद्युत महतो, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जैसे ही इसकी जानकारी हुई सरयू राय शहर छोड़ कर चले गए और विद्युत महतो दूसरे जिले में शरण ले ली इससे प्रतीत होता है कि इन्हें आम जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं इन्हे सिर्फ वोट की राजनीति करनी है।बहरहाल राजनीतिक कोई भी रंग ले आए लेकिन आज प्रशासन के लौट जाने से स्थानीय वासियों ने राहत महसूस की।




