रांंची : रांंची से सामने आए एक भूमि घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने भू-माफिया धनंजय प्रसाद फौलाद सहित अन्य आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका 2023 में अस्वीकृत कर दी थी। इसके बावजूद, अब तक इन्हें हिरासत में नहीं लिया गया है। आरोप है कि इन्होंने पावर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग करते हुए छह एकड़ के आधार पर 18 एकड़ भूमि का अवैध लेन-देन किया।

बोकारो जिले के बांधगोड़ा इलाके से जुड़े इस मामले की प्राथमिकी पिंड्राजोर थाने में दर्ज हुई थी। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित जमीन की वैधता संदिग्ध है, क्योंकि रैयतों ने पूर्व में ही अपनी जमीन बेच दी थी। इसके बावजूद वर्ष 2007 में एक कथित उत्तराधिकारी ने पावर ऑफ अटॉर्नी जारी कर दी, जिसके आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूखंडों का सौदा हुआ। इसमें राजस्व कार्यालय के कुछ कर्मियों की मिलीभगत भी उजागर हुई। अब इस प्रकरण की गहन जांच के लिए मार्च 2025 में विशेष जांच दल (SIT) का गठन हुआ है, जिसमें विभिन्न थानों के प्रभारी और पुलिस अफसर शामिल हैं। वर्षों से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अब तेज़ कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है




