रांंची : झारखंड की बिजली व्यवस्था कई तकनीकी और प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों से जूझ रही है। तापमान बढ़ते ही लोड के कारण ट्रांसफॉर्मर फेल हो जाते हैं, जबकि बारिश में लाइनें टूट जाती हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित होते हैं, जहां बिजली की आपूर्ति अनियमित रहती है। राज्य सरकार ने संरचना को बेहतर बनाने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं, फिर भी सेवाएं स्थिर नहीं हो पाई हैं।

राज्य में अभी तक 24 घंटे बिजली की आपूर्ति हकीकत नहीं बन सकी है। रांची समेत अन्य जिलों में भी बिजली की कमी महसूस की जा रही है। बिजली खरीद पर भारी खर्च के बावजूद ग्रिड व ट्रांसमिशन से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। अब तक कई सब स्टेशन, ट्रांसफॉर्मर और लाइनें बदली जा चुकी हैं, फिर भी वितरण में अड़चनें बनी हुई हैं। भविष्य की योजना में फीडरों की लंबाई कम कर वोल्टेज को संतुलित करने, नए ट्रांसफॉर्मर लगाने और स्मार्ट मीटर का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। हाई वोल्टेज सिस्टम को दुरुस्त करने और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित कर, सेवा को विश्वसनीय बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।




