बिहार / पटना : बिहार सरकार ने राज्य के बाहर रहने वाले लोगों को जमीन सर्वे के लिए जल्दबाजी न करने की सलाह दी है। सरकार ने सुझाव दिया है कि वे दीपावली और छठ पर्व के दौरान बिहार आए तो अपने दस्तावेज तैयार कर जमीन की जानकारी (स्वघोषणा) जमा करें। दीपावली 31 अक्टूबर को और छठ महापर्व 7-8 नवंबर को मनाया जाएगा, इसलिए सरकार ने स्वघोषणा जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर तक बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया के तहत नियमावली में भी संशोधन हो रहा है।राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 20 अगस्त के आसपास 43,041 गांवों में जमीन सर्वेक्षण की घोषणा की थी, जिसके तहत रैयतों को 45 दिनों के भीतर अपनी जमीन की जानकारी (स्वघोषणा) देनी थी।

पहले यह समयसीमा अक्टूबर के पहले हफ्ते में समाप्त हो रही थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 100 दिन कर दिया गया है, जिससे नई समय सीमा 30 नवंबर तक हो जाएगी। इस कदम का उद्देश्य राज्य से बाहर रहने वाले बिहारवासियों को समय पर अपनी जमीन की जानकारी प्रदान करने की सुविधा देना है, ताकि वे दीपावली और छठ पर्व के दौरान अपने दस्तावेज तैयार कर सकें और जमीन सर्वेक्षण की प्रक्रिया में शामिल हो सकें।




