चाईबासा : शनिवार को जगन्नाथपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय में प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने झारखंड में भाजपा की परिवर्तन यात्रा और राज्य की मौजूदा सरकार की विफलताओं पर विस्तार से चर्चा की। गीता कोड़ा ने बताया कि परिवर्तन यात्रा का मुख्य उद्देश्य सत्ता परिवर्तन है, क्योंकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। उन्होंने आगामी 30 अक्टूबर को उड़ीसा के मुख्यमंत्री मोहन माझी के जगन्नाथपुर आगमन और जनसभा को संबोधित करने की जानकारी दी। गीता कोड़ा ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों से मुख्यमंत्री मुकर गए हैं। उन्होंने 5 लाख युवाओं को नौकरी देने की बात कही थी, लेकिन यह संख्या केवल 5-7 हजार नौकरियों तक ही सीमित रह गई। इसके परिणामस्वरूप राज्य के लाखों युवा रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के झूठे वादों के चलते युवा वर्ग ठगा हुआ महसूस कर रहा है, और जब वे आंदोलन करते हैं तो उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे जाते हैं। गीता कोड़ा ने हेमंत सरकार की अन्य नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राइमरी से लेकर पीएचडी तक मुफ्त शिक्षा का वादा किया था, लेकिन इसे सही तरीके से लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन की सरकार का एकमात्र उद्देश्य अपनी कुर्सी बचाने की राजनीति करना है। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर बात करते हुए गीता कोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री का गृह जिला दुमका, जो महिलाओं के सम्मान की बात करता है, अपराध के मामलों में सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि राज्य में हर दिन महिलाओं के खिलाफ 21 अपराध दर्ज हो रहे हैं, और हर महीने 658 मामले सामने आते हैं, जिनमें से 185 मामले दुष्कर्म के होते हैं।

महिलाओं के प्रति राज्य सरकार की उदासीनता पर बात करते हुए गीता कोड़ा ने कहा कि राज्य में महिलाओं के लिए किए गए वादे पूरे नहीं हो रहे हैं। उन्होंने हेमंत सोरेन के उस वादे का उल्लेख किया जिसमें महिलाओं को एलपीजी गैस पर 2000 रुपये देने का आश्वासन दिया गया था। इसके अलावा, महिलाओं को नौकरी में 50% आरक्षण देने का वादा भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है। गीता कोड़ा ने कहा कि हेमंत सरकार को इन सभी मुद्दों पर जवाब देना चाहिए, न कि सिर्फ महिला सम्मान योजना की बात करनी चाहिए। उन्होंने राज्य के किसानों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कारण धान की कालाबाजारी हो रही है और किसान अपना धान दूसरे राज्यों में बेचने को मजबूर हैं। इसके अलावा, बालू की कालाबाजारी और न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने के कारण किसान परेशान हैं। गीता कोड़ा ने कहा कि भाजपा इन सभी मुद्दों को उठाकर राज्य की महा ठगबंधन सरकार से हिसाब मांग रही है और परिवर्तन यात्रा के माध्यम से झारखंड सरकार की पोल खोल रही है।




