जमशेदपुर :जमशेदपुर में चोरों ने चोरी करने के अंदाज को बदल दिया है। अब ये घटना के समय और तरीके को बदलते हुए रात के बजाय दिनदहाड़े बंद फ्लैट और घर को निशाना बनाते हुए कुछ मिनटों में अंजाम देकर चलते बन रहे है। इसके लिए चार से ज्यादा सदस्यों का गिरोह बना कर अपना मनसूबा पूरा कर रहे है। अगर बीते 6 महीनों में हुए घटनाओं की ओर गौर फरमाए तो, सीसीटीवी फुटेज और पुलिस के अनुसंधान से कहीं ना कहीं यह स्पष्ट होता है कि गिरोह के सदस्यों के बीच अलग अलग काम को बांट जाता है। जिसमें कुछ सदस्य सबसे पहले कई दिनों तक पॉश इलाके को चिन्हित कर वहां के फ्लैट और घर की रेकी करते है इसके लिए डिलीवरी बॉय या फिर फेरी वाले के तौर पर भी हो सकते है जिससे उन्हें रेकी करने में आसानी हो जाती है और उन पर कोई शक भी नहीं करता। रेकी में पूरी तरह से यह भी ध्यान रखा जाता है कि उस घर में कैश से ज्यादा आभूषण हो। जिसके बाद तय दिन में ये गिरोह दिनदहाड़े पूरी सफाई के साथ उस घर पर धावा बोलते है और कुछ ही मिनटों में चोरी की घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते है।

इस दौरान अगल बगल पड़ोसी तक को भनक नहीं लगती, जब तक खुद घर वाले नहीं आ जाते। अब सवाल यह उठता है कि इसका जिम्मेदार और दोषी कौन, क्षेत्र की पुलिस,कॉलोनी के सुरक्षा व्यवस्था या फिर खुद घर वाले।
वैसे इसे लेकर लोगों ने अपनी अपनी राय व्यक्त की है जिसमें कुछ ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे है तो कुछ कॉलोनी के सुरक्षा व्यवस्था पर। बहरहाल घटना के बाद जिला की पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ मामलों में उद्भेदन कर गिरोह की गिरफ्तारी कर चुकी है लेकिन अब भी कुछ बड़े मामले में गिरफ्तारी को लेकर जद्दोजहद में लगी हुई है।देखा जाय तो गिरफ्तारी के बावजूद भी चोरी की वारदाते दिनदहाड़े और कुछ घंटे के लिए बंद फ्लैट और घर ही निशाने पर है। जिस पर रोक लगाने में पुलिस को समक्ष एक बड़ी चुनौती है




