रांची : संजय उरांव की मृत्यु किसी ट्रेन से कटने के कारण नहीं हुई थी, बल्कि यह एक सोची-समझी आपराधिक घटना थी। यह सनसनीखेज मामला अवैध रिश्ते से जुड़ा हुआ था, जिसका खुलासा रांची पुलिस ने गुमला निवासी संजय उरांव के अंधे हत्याकांड की जांच के बाद किया। घटना को दुर्घटना साबित करने के उद्देश्य से मृतक के शरीर को रेलवे ट्रैक के समीप झाड़ियों में डाल दिया गया था।
कड़ी छानबीन के बाद पुलिस ने सच्चाई सामने रखी। 10 फरवरी 2025 को अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत अशोक नगर रोड नंबर-1 के पीछे रेलवे लाइन के पास झाड़ियों से एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। शव की स्थिति देखकर ऐसा लगा कि किसी ट्रेन की चपेट में आने से व्यक्ति की जान गई है। इसी कारण प्रारंभिक कार्रवाई में इसे हादसा मान लिया गया। पहचान न होने के कारण मामला कई दिनों तक उलझा रहा। बाद में तकनीकी जानकारी और स्थानीय सूत्रों से मृतक की शिनाख्त गुमला जिले के संजय उरांव के रूप में हुई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। रिपोर्ट में साफ हुआ कि मौत धारदार हथियार से किए गए हमले के कारण हुई थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने कॉल रिकॉर्ड, पारिवारिक पृष्ठभूमि और संदिग्धों से पूछताछ कर पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया। जांच में पता चला कि संजय का अपने साले की पत्नी राजमणि देवी से आपत्तिजनक संबंध था। इसी तनाव के चलते विनोद उरांव ने अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम देकर शव को रेलवे लाइन के पास फेंक दिया।




