जमशेदपुर : आज पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड ओड़िया मौजा टोला लाईडीह एवं चिरुडीह के ग्रामीणों ने साकची गोल चक्कर से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक हाथ में तख्ती लेकर प्रदर्शन किया। इन लोगों का का कहना था कि लाईडीह में 10 एकड़ भूमि से ज्यादा और चिरूडीह में 8 एकड़ से ज्यादा स्थान पर पिछले 20 वर्षों से अवैध पत्थर खनन चल रहा है। खदान के पास स्कूल, आवासीय घर एवं गौरम थान मौजूद है।
इसके अलावा लाईडीह गांव के बीचो-बीच से 11000 वोल्ट के तार पत्थर खदान की ओर ले जाया जा रहा है। खदान में विस्फोट करने से धूल पत्थर उड़ते ही हैं, साथ ही भारी मात्रा में प्रदूषण होते हैं। जिससे ग्रामीणों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। समाजसेवी दुखनी सोरेन का कहना है कि गांव में पेसा कानून लागू है। यह जिला पांचवी अनुसूची में आता है। लेकिन यहां पर ग्राम सभा की बात भी नहीं मानी जा रही है। जबरदस्ती खदान से पत्थरों की निकासी की जा रही है। जिससे बच्चों एवं महिलाओं में काफी इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है। दुखनी सोरेन ने कहा कि अभी खेती-बाड़ी का समय है।

सब लोग इतने परेशान है कि खेती बाड़ी छोड़कर आज उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांगे नहीं मानी जाएगी तो हम लोग जल सत्याग्रह करेंगे। वहीं एक अन्य महिला लक्ष्मी मनी मुर्मू ने कहा कि जब हम लोग खदान में काम बंद कराते हैं, तो प्रशासन कहता है कि काम बंद क्यों कराया? तुम लोग को राशन मिल रहा है, मैइया योजना का लाभ मिल रहा है, तो इस महिला ने कहा कि मुझे राशन भले ना मिले, मैइया योजना का लाभ नहीं मिले, कोई बात नहीं, लेकिन यहां पर खदान में ब्लास्ट करने के बाद बड़ी मात्रा में पत्थर, धूल के कण उड़ते हैं। यहां का पानी खराब हो चुका है, पीने लायक नहीं है। जिससे तबीयत सबकी खराब हो जाती है।






