जमशेदपुर :अरका जैन यूनिवर्सिटी परिसर में मंगलवार को भारत के महान उद्योगपति, दूरदर्शी समाजसेवी और टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष जेआरडी टाटा की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम के माध्यम से भारत रत्न स्व. जेआरडी टाटा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी कैंपस की एक प्रमुख दीवार पर एक कलात्मक वॉल म्यूरल बनाकर उन्हें रचनात्मक और कलात्मक तरीके से श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जो उनके विराट व्यक्तित्व और योगदान को दर्शाता है।
जेआरडी टाटा के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक : प्रो. एसएस रजी
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एसएस रज़ी, प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) अंगद तिवारी तथा निदेशक सह कुलसचिव डॉ. अमित श्रीवास्तव ने छात्र-छात्रों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों को संबोधित किया। प्रो. रज़ी ने जेआरडी टाटा के जीवन से जुड़ी कई प्रेरणादायक घटनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जेआरडी टाटा केवल एक सफल उद्योगपति ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने भारतीय समाज को मानवीय मूल्यों, नवाचार और सेवा का एक नया दृष्टिकोण भी दिया। उनके सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं।
जेआरडी का राष्ट्र के प्रति समर्पण युवाओं के लिए अनुकरणीय : प्रो. अंगद तिवारी
प्रो-वाइस चांसलर डॉ. अंगद तिवारी ने कहा कि जेआरडी टाटा की दूरदर्शिता, उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आज के युवाओं के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने विशेष रूप से फैशन डिज़ाइन के सहायक प्राध्यापक अनूप कुमार सिंह द्वारा निर्मित वॉल म्यूरल की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक चित्र नहीं, बल्कि जेआरडी टाटा के महान विचारों और अतुलनीय योगदानों का जीवंत प्रतीक है।

जेआरडी टाटा भारत के औद्योगिक इतिहास के अविस्मरणीय स्तंभ : डॉ. अमित श्रीवास्तव
डॉ. अमित श्रीवास्तव ने जेआरडी टाटा को भारत के औद्योगिक इतिहास का एक अविस्मरणीय स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन दर्शन आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा दे रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें नमन करते हुए सभी से उनके दिखाए गए पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया।
अतिथियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों व कर्मचारियों ने दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के समापन पर सभी गणमान्य अतिथियों, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने नवनिर्मित वॉल म्यूरल के समक्ष जेआरडी टाटा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज कुमार पाठक, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्वेता कुमारी ने किया। यह आयोजन विश्वविद्यालय की आईक्यूएसी (Internal Quality Assurance Cell) सेल, एनएसएस (National Service Scheme) सेल और एडमिन विभाग की ओर से संयुक्त रूप से किया गया। यूनिवर्सिटी की ओर से बताया गया है कि यह कार्यक्रम न केवल जेआरडी टाटा को एक श्रद्धांजलि थी, बल्कि उनकी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास भी था।




