जमशेदपुर : 5 लाख के फर्जी चेक बाउंस के मामले में जमशेदपुर सिविल कोर्ट ने 5 साल बाद एग्रीको निवासी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है. वादी के अधिवक्ता मिथिलेश सिंह के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 2020 में एग्रीको निवासी एक व्यक्ति को सीतारामडेरा के रहने वाले काशी प्रसाद ने बैंक में परिचित होने का हवाला देकर लोन दिलाने की बात कही थी.

जिसके झांसे में आकर उसने 5 लाख रुपए का सिक्योरिटी मनी के तौर पर ब्लैंक चेक उसने काशी को दी लेकिन हर महीने उसे बरगलाता रहा, जिसके बाद वादी द्वारा ज्यादा दवाब देने पर काशी ने अपने दामाद मोहित रंजन को चेक देकर बाउंस करा दिया. इधर अपने को ठगा महसूस होते देख वादी ने 2 सितंबर 2021 को काशी के खिलाफ न्यायालय में केस दर्ज की,इधर न्यायालय से नोटिस जाने से खफा होकर काशी ने भी 20 दिन बाद 22 सितंबर को वादी के खिलाफ फर्जी चेक बाउंस का मामला दर्ज करा दी, इसके बाद वादी के खिलाफ धारा 138NA एक्ट के तहत यह केस निरंतर चला रहा और 5 साल बाद 13 मार्च 2026 को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय अर्पणा कुमारी ने अपना फैसला सुनाते हुए साक्ष्य के आभाव मे बरी कर दिया. वहीं वादी सहित अधिवक्ता मिथिलेश सिंह, रमेश प्रसाद और हेमंत कुमार ने संयुक्त रूप से खुशी जाहिर करते हुए शहर वासियो से आग्रह की है कि इस तरह के फर्जीवाड़ा से वे सचेत रहे और समय पर कानून का सहारा लें.




