रांची : सरकार आम नागरिकों की सहूलियत बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। इसी कड़ी में आपात सहायता को अधिक प्रभावी और सुगम बनाने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। अब पूरे देश में आपात परिस्थितियों के लिए अलग-अलग हेल्पलाइन नंबरों की जगह केवल 112 को ही मुख्य संपर्क माध्यम बनाने की तैयारी है। इसका अर्थ यह है कि अब एम्बुलेंस, पुलिस और अग्निशमन जैसी जरूरी सेवाएं एक ही नंबर पर कॉल करने से उपलब्ध हो सकेंगी।
नई व्यवस्था के तहत एम्बुलेंस सेवा के लिए पहले से प्रचलित विभिन्न नंबरों को हटाकर 112 को ही प्राथमिक सहायता लाइन के रूप में अपनाया जाएगा। इससे संकट के समय लोगों को कई नंबर याद रखने की परेशानी से राहत मिलेगी। सरकार इस योजना को “वन नेशन, वन नंबर” के रूप में लागू करने की दिशा में काम कर रही है। कई राज्यों में 112 पहले से ही बहु-आपात सेवा के रूप में कार्य कर रहा है और अब इसी ढांचे में स्वास्थ्य सहायता को भी पूरी तरह जोड़ा जाएगा।

इस निर्णय से आम जनता को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। योजना के अनुसार शहरी क्षेत्रों में दस मिनट के भीतर तथा ग्रामीण इलाकों में तय समय सीमा के अंदर एम्बुलेंस पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जीपीएस युक्त वाहन, केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष, लाइव निगरानी प्रणाली और स्वतः अलर्ट व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। 112 पर कॉल मिलते ही प्रशिक्षित कर्मचारी स्थिति का मूल्यांकन करेंगे और कॉल करने वाले की लोकेशन स्वतः पहचान कर नजदीकी उपलब्ध सहायता तुरंत रवाना की जाएगी, जिससे समय की बचत होगी और मदद तेजी से पहुंच सकेगी।






