रांची : झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को आरटीआई कार्यकर्ता राकेश झा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई, जो शहर में अवैध निर्माणों से संबंधित है। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ ने जमशेदपुर नॉटिफाइड एरिया कमेटी (जेएनएसी) की लापरवाही पर कड़ा असंतोष जताया। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि संस्था 19 नवंबर तक शपथपत्र के माध्यम से अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा सौंपे।

न्यायालय ने यह भी कहा कि अगली तिथि के बाद कोई और मौका नहीं दिया जाएगा, और आदेश की अवहेलना होने पर अवमानना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहने का आदेश दिया गया। अदालत ने टिप्पणी की कि जेएनएसी बार-बार न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी कर रहा है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने भवनों के कम्प्लीशन सर्टिफिकेट, बिजली-पानी कनेक्शन और पार्किंग कब्जे पर कार्रवाई की जानकारी मांगी थी, परंतु अब तक कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। याचिकाकर्ता के वकील अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि 2011 से संस्था झूठे दावे करती रही है। पहले केवल 46 भवनों को सील किया गया था, जबकि अब 1800 से ज्यादा अनधिकृत निर्माण खड़े हो चुके हैं, जिनमें कुछ को ही वैध प्रमाणपत्र दिए गए हैं।




