Saraikela (संजीव मेहता) : असंभव को संभव कर दिखाया भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने, एक दिवंगत सैनिक की विधवा को 4 महीने के अथक प्रयास से दिलाई डूबे हुए बैंक की रकम. इस कार्य की सराहना देश की सेवा में लगे लाखों सैनिक और उनके परिजन कर रहे हैं. यह वाकया नेपाल के वाल्डी स्याडजा के रहनेवाले 64 आर्टिलरी रेजिमेंट के नायक स्वर्गीय याम बहादुर थापा की है. जो वर्ष 2008 से 2011 तक जमशेदपुर के आर्मी कैम्प में तैनात थे. इस दौरान उन्होंने एसबीआई के मुख्य शाखा बिष्टुपुर में अपने नाम के 3-3 खाता खुलवाकर उसमें तकरीबन 18 लाख रुपए जमा किया. मगर उन्होंने एक गलती कर दी कि किसी भी खाते में कोई नॉमिनी नहीं रखा. याम बहादुर थापा 2019 में सेवानिवृत्त हो गए और नेपाल अपने गांव चले गए जहां दिसंबर 2021 में उनकी मौत हो गई. दिवंगत जवान अपने पीछे पत्नी और 3 पुत्र छोड़कर गए हैं. जिन्हें इस बात की खबर नहीं कि उनके पति ने जमशेदपुर के एसबीआई शाखा में 18 लाख रुपए छोड़ गए हैं.

इस बात की खबर उनकी पत्नी चिन्मया थापा को रेजिमेंट के एक अधिकारी के माध्यम से हुई जो उन्हें उनके खाते का एक चेकबुक भी उन्हें उपलब्ध कराया. पैसों की तंगी से जूझ रही चिन्मया थापा को इस बात की खबर लगते ही वो अपने 2 पुत्र अपने ममेरे भाई कुंभ बहादुर थापा जो स्वयं एक सैन्य अधिकारी हैं को लेकर जमशेदपुर पहुंच गई. बैंक में गई और पति के खाते की खोजबीन की तो उन्हें बताया गया कि खाते तो हैं, जिसमें पैसे भी हैं लेकिन उन्होंने खाते का कोई नॉमिनी नहीं बनाया है, ऐसे में उन्हें 3 लोकल गारंटर के साथ कई तरह के आवश्यक कागजात देने होंगे. काफी प्रयास की लेकिन कागजात का जुगाड़ नहीं हुई तो चिन्मया थापा नेपाल वापस लौट गई. इस बात की जानकारी जब भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ सिंहभूम के अध्यक्ष बृजभूषण बंसल और जन सम्पर्क अधिकारी भूषण सिंह को हुई तो दोनों ने ठान लिया कि संघ सैनिक के विधवा को उनका हक के पैसे दिलाकर रहेगी. इनलोगों ने इसके लिए अपने उपाध्यक्ष रितेश सिंह तोमर से संपर्क किया जो पूर्व सैनिक के साथ इन दिनों बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत हैं. उन्होंने बैंक यूनियन के माध्यम से एसबीआई के एजीएम शिवेंद्र कुमार और एसबीआई के यूनियन मेंबर पिंटू रजक से संपर्क किया. जिसने संघ के लोगों को रास्ता सुझाया, जिसके बाद चिन्मया थापा को सपरिवार जमशेदपुर बुलाया गया और कागजातों का जुगाड़ नेपाल से सक्सेशन सर्टिफिकेट के साथ सऊदी अरब में तैनात बड़े बेटे के एनओसी मंगवाया तब जाकर 20 अगस्त 2025 को चिन्मया थापा को उनके पति के जमा राशि जो अब 19 लाख रुपए से अधिक हो चुकी थी का चेक बैंक मैनेजर नीलेन दास ने सौंपा. बता दें कि पूर्व सैनिकों के लिए इसी तरह का प्रयास भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ करती रही है जिसके कई उदाहरण हैं.



