नई दिल्ली : दूरसंचार विभाग ने साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने सभी दूरसंचार कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने उपभोक्ताओं को प्रतिदिन आठ से दस बार साइबर अपराध से संबंधित कॉलर-ट्यून सुनाएं। यह पहल भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी), जो गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है, द्वारा संचालित की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं, जैसे डिजिटल गिरफ्तारी और वित्तीय धोखाधड़ी, के बारे में सतर्क करना है। आई4सी द्वारा विभिन्न प्रकार की कॉलर-ट्यून सामग्री साप्ताहिक रूप से प्रदान की जाएगी, जो तीन महीने की अवधि तक प्रसारित होगी। यह सामग्री कॉल-पूर्व घोषणा या रिंग बैक टोन के रूप में सुनी जाएगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) को इस निर्देश का तुरंत पालन करना होगा।

यह जागरूकता अभियान उन मामलों पर केंद्रित है जहां साइबर अपराधी खुद को पुलिस, न्यायाधीश या अन्य सरकारी अधिकारियों के रूप में प्रस्तुत करके लोगों को धोखा देते हैं। यह कदम बढ़ती डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराध के खतरों से निपटने की दिशा में एक सक्रिय प्रयास है। इससे न केवल लोगों को सतर्क रहने में मदद मिलेगी, बल्कि उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक भी बनाया जाएगा। तीन महीने के इस अभियान से व्यापक स्तर पर साइबर अपराध के खतरों को समझने और उनसे बचाव के उपायों को अपनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।




