रांची : झारखंड राज्य में लंबित नगर निकाय चुनाव को लेकर अब सरकार सक्रिय हो गई है। नगर निगम चुनाव में पिछड़ों को आरक्षण के लिए डोर टू डोर सर्वे की रणनीति सरकार द्वारा बनाते हुए चुनाव की तैयारी को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। पिछड़ों के आरक्षण को लेकर 2 साल से लंबित चुनाव , राज्य भर के निकायों में होने वाले चुनाव तकरीबन दो साल से लंबित हैं, जिसकी वजह नगर निगम चुनाव में पिछड़ों के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं होना है. पिछड़ों को आरक्षण की मांग को लेकर कुछ संगठन हाई कोर्ट गए हुए हैं । जहां से यह निर्देश दिया गया है कि राज्य भर के निकाय क्षेत्रों में पिछड़ों की गणना कर उनकी पात्रता सुनिश्चित करें । ततपश्चात ही चुनाव कराएं. कोर्ट के इस आदेश को देखते हुए राज्य सरकार ने अब सभी निकायों में पिछड़ों का गणना शुरू करने का निर्णय लिया है. वही आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में भी पिछड़ों के गणना के लिए डोर टू डोर सर्वे की जाने के लिए तैयारी की जा रही है . इस बाबत शनिवार को नगर निगम चुनाव के लिए पिछड़े वर्गों के आरक्षण में दिए जाने वाले पात्रता निर्धारण हेतु गम्हरिया प्रखंड सह अंचल कार्यालय सभागार में एक बैठक आयोजित की गई है।

बैठक में आदित्यपुर नगर निगम के प्रशासक रवि प्रकाश, अपर नगर आयुक्त पारुल सिंह, अंचल अधिकारी गम्हरिया अरविंद वेदिया के साथ अन्य पदाधिकारी और सभी बीएलओ उपस्थित मौजूद रहे. इस दौरान ओबीसी सर्वेक्षण के लिए सभी बीएलओ को डोर टू डोर जाने का निर्देश दिया गया है. इस मौके पर बीएलओ को मतदाताओं से फार्म भरवाने एवं उनकी जाति को अंकित करने के कॉलम पर विशेष ध्यान देते हुए त्रुटि रहित फॉर्म भरने का निर्देश दिया गया, ताकि आगामी नगर निगम चुनाव को लेकर किसी प्रकार की भी त्रुटि से बचा जा सके।




