रांची: राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका निरस्त होने के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे है। उन कयासो पर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट में जाकर विराम लगा दिया है। पल पल बदलते समीकरण से राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक समीकरण भी इशारों ही इशारों में बहुत कुछ कहते रहते हैं। 
जमीन घोटाला मामले में ईडी की पूछताछ से राहत के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राहत देने से इनकार करते हुए ,उन्हें इस मामले में हाईकोर्ट जाने को कहा था । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाई कोर्ट के दरवाजे खटखटाते हुए उम्मीद लगाए बैठे हैं। वही ईडी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा चौथ समन पर भी उपस्थित नही होने पर, इडी ने भी हाईकोर्ट के रूख अख्तियार कर लिया है और अब पांचवी समन जारी कर दिया है। सूत्रों के अनुसार जब तक हाई कोर्ट का कोई आदेश नहीं निकलता है ,तब तक ईडी अपनी कानूनी कार्रवाई करते रहेगी। मुख्यमंत्री लगातार ईडी के कार्रवाई से उलझे हुए हैं। वही प्रतीक्षारत ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए पदाधिकारी बेचैन दिख रहे हैं, कि कब स्थिर हो माहौल की स्थानांतरण हो और जगह मिले। लेकिन ईडी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बीच चल रही रस्शा कशी और कानूनी प्रक्रिया को देखते हुए अभी ट्रांसफर पोस्टिंग पर ऐसे ही विराम कुछ दिनों तक लगे रहने की संभावनाए है। ईडी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हाई कोर्ट में दोनों आमने-सामने हो सकते है। राजनीतिक एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से सभी की निगाहें 4 अक्टूबर पांचवी सामान पर और उससे पहले की रणनीति पर टिकी हुई है। सूत्रों के अनुसार एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ईडी कार्यालय जाना नहीं चाहते ।वहीं दूसरी तरफ ईडी हर हाल में कार्यालय में बुलाकर पूछताछ करना चाहती है। अब सभी की निगाहें पांचवी समन 4 अक्टूबर और इसके पहले की रणनीति पर टिकी हुई है। इस मामले मे हाईकोर्ट का मुख्यमंत्री की याचिका और ईडी के अपील पर क्या रुख, आदेश आता है। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। वही प्रतीक्षारत पदाधिकारी मुख्यालय में पोस्टिंग के लिए बेचैन हैं।




