जमशेदपुर : संस्कृति के धरोहर छऊं नृत्य विलुप्तता की ओर है,जिसे बचाने के लिए सरकार भी प्रयासरत है, इसी कड़ी में जमशेदपुर के बिरसानगर जोन नंबर 2bमें इस नृत्य का आयोजन वर्षों से करते आ रहे है। यह आयोजन प्रत्येक वर्ष शिव रात्रि के अवसर पर सार्वजनिक शिव मंदिर पूजा कमेटी के प्रांगण में शिव बॉयज क्लब के तत्वाधान में विगत 30 वर्षों से करते आ रहे हैं।

इस आयोजन को लेकर मंदिर कमिटी के अध्यक्ष बबलू गोप ने जानकारी देते हो बताया की, 1983 में इस मंदिर की स्थापना हुई थी इसके बाद से छोटे छोटे कार्यक्रम किया जाता रहा है, लेकिन 1995 से विभिन्न संस्कृति कार्यक्रमों के साथ विलुप्त होते छऊ नृत्य को यहां का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया गया, उसके बाद से निरंतर छऊं नृत्य का कार्यक्रम पूरे बिरसानगर के लिए आकर्षण का केंद्र बनता गया,जिसे देखने के लिए बिरसानगर सहित आस पास से सैंकड़ों दर्शक इसे देखने के लिए पहुंचते है। इस वर्ष पुरुलिया सारीडीह से हेमसिंह महतो की टीम और बलरामपुर के स्वर्गीय डॉक्टर सुकेन की रॉयल छऊं टीम को आमंत्रित किया गया। जिनके द्वारा धार्मिक छऊ नृत्य प्रस्तुत किया गया। अध्यक्ष ने चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान आधुनिक समय में युवा और बच्चों में मोबाइल की ओर रुझान ज्यादा है, जिसे लेकर सनातन धर्म और अपनी संस्कृति बचाएं रखने के लिए इस तरह का कार्यक्रम करना काफी जरूरी है, जिससे अपनी धरोहर के बारे में जिज्ञासा बढ़ें,जिस तरह से वर्तमान में अपने पूर्वजों के कार्यों को अब तक लेते चले हैं इसी तरह आने वाले समय में भी युवा इस परंपरा को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।




