जमशेदपुर :पूरे भारत में किसी भी संस्थान के संस्थापक दिवस पर होने वाले समारोह की याद, उस शहर के अलावा पूरा देश और विदेश के लोग भी इंतजार करें ऐसा कहीं भी देखने को नहीं मिलता लेकिन वह स्थल है जमशेदपुर, जहां टाटा स्टील की स्थापना JN टाटा ने की थी। आज टाटा स्टील कई चुनौतियों के बावजूद भी विश्व में अपनी पहचान कायम रखी हुई है,वही कंपनी प्रबंधन भी उनके जयंती को प्रतिवर्ष एक यादगार के रूप में लोगों के मानसिक पटल में छोड़ने का निरंतर प्रयास करती आ रही है।

इसी के तहत जुबली पार्क विद्युत सज्जा जमशेदपुर ही नहीं भारत के अलावे विश्व के कोने में रहने वाले जमशेदपुर वासी इसका इंतजार करते हैं, और थर्ड मार्च से पूर्व इस यादगार पल को दोबारा संजोए रखने के लिए अपने परिचित और परिजनों के साथ जमशेदपुर जाते हैं। यही कारण है टाटा स्टील ने भी प्रतिवर्ष बढ़ते पर्यटकों को देखते हुए सिर्फ जुबली पार्क ही नहीं, पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजा देते हैं, ताकि लोग सिर्फ जुबली पार्क की विद्युत साज देखने पर निर्भर ना हो कर वे अपने क्षेत्र में भी किए गए भवन, पार्क और सड़क के पेड़ पौधे में रंग-बिरंगे दुल्हन की सजे विद्युत साज को देखकर उसका एहसास कर सके। बावजूद पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष जुबली पार्क में रात्रि 9:00 बजे तक साढ़े 3 लाख दर्शनार्थी तीन दिनों में विद्युत सज्जा का दर्शन कर चुके हैं। बता दे कि पिछले वर्ष लगभग 3 लाख लोग पर्यटक के रूप में विद्युत सज्जा का आनंद उठा चुके हैं, लेकिन 5 मार्च के 9:00 बजे तक का आंकड़ा बता रहा है कि यह चार लाख पार करने के लिए बेताब है। फिलहाल इस यादगार पल में जुटने वाले भीड़ और ट्रैफिक को लेकर जिला प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद रही, वही छोटे-छोटे ठेले खामोचे वाले भी इसका वर्ष भर इंतजार करते हैं जो उनके लिए इस माध्यम से बोनस के तौर पर कमाई होने से पूरा परिवार खुश रहते है, वही पर्यटकों की भीड़ उनके मनपसंदीदा व्यंजन चाऊमीन और इडली, डोसा के दुकानों में ज्यादा देखने को मिला, वैसे बच्चों के लुभावना गुब्बारे भी इस थर्ड मार्च को चार चांद लगा दी जो बच्चों के लिए काफी आकर्षित करता रहा।इन तीन दिनों में उमड़ी भीड़ ने छोटे से लेकर बड़े दुकानदारों को एक बार फिर एक वर्ष के लिए दोबारा इंतजार एक वर्ष के लिए विवश करेगा।




