जमशेदपुर : यदि आप या आपके परिवार के सदस्य मधुमेह, ब्लड प्रेशर, पेट संबंधी गड़बड़ी या दर्द से राहत देने वाली दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो सतर्क हो जाइए। जमशेदपुर सहित पूरे झारखंड में बड़ी संख्या में खराब और जाली दवाओं का प्रसार हो रहा है। हाल ही में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा बिहार और गाजियाबाद में 151 प्रकार की दवाओं की जांच की गई, जिनमें से 143 गुणवत्ताहीन और 8 नकली पाई गईं। ये दवाएं प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से बाजार में मौजूद हैं, जिससे पहचान करना कठिन हो जाता है।

हालांकि नकली दवाओं की सूची सार्वजनिक नहीं की गई है, परंतु यह साफ है कि इनका वितरण झारखंड के कई हिस्सों तक हो चुका है। सीडीएससीओ ने राज्य के औषधि नियंत्रण विभागों को निर्देश दिए हैं कि इस पर सख्त कदम उठाएं। इसके बावजूद कोल्हान क्षेत्र में अब तक कोई ठोस कार्यवाही सामने नहीं आई है। रांची स्थित ड्रग नियंत्रण प्राधिकरण की जानकारी के अनुसार जुलाई 2025 में 44 प्रकार की दवाएं निर्माता कंपनियों द्वारा वापस मंगाई गई हैं। टेस्ट में फेल होने पर कंपनियों को स्टॉक वापस बुलाने और आगे की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए जाते हैं।




