
चाईबासा संवाददाता हरि शर्मा : चाईबासा संयुक्त यूनियन की बैनर तले ठेका मजदूरों ने एक दिवसीय हड़ताल कर आंदोलन किया। ठेका मजदूरों की एक दिवसीय हड़ताल पर जाने से गुवा सेल अस्पताल, सेल की कैंटीन तथा साफ सफाई पूरी तरह से ठप रहा। बीते 3 दिसंबर की सेल गुवा बंदी से सेल प्रबंधनको प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाखों का नुकसान हुआ । सेल गुवा खदान से नियमित होने वाले लौह अयस्क की 50 ट्रिप की तुलना में बहुत ही कम मात्रा में लौह अयस्क का परिचालन हो सका । सप्लाई व ठेका मजदूर की कमी के कारण कंपनी वर्कर के द्वारा उत्पादन कराना पड़ा जो बहुत ही खर्चीला एवं नुकशान दायक रहा । चिकित्सालय एवं कैंटीन में भी खाद्य सामग्रीकी उपलब्धता में कमी आई ।
दूसरी ओर मजदूरों की एक दिवसीय हड़ताल को देखते हुए गुवा सेल प्रबंधन ने संयुक्त यूनियनों को बैठक के लिए बुलाया। जहां बैठक में सेल प्रबंधन ने ठेका मजदूरों की मिलने वाली सुविधाओं में कोई भी कटौती नहीं करने की बात कही ।इसके साथ ही सभी ठेका मजदूरों ने अपनी हड़ताल को समाप्त कर सोमवार से ड्यूटी करेंगे। परिणाम स्वरूप बैठक के बाद संयुक्त यूनियनों ने आज रविवार देर शाम को गुवा रामनगर स्थित एसबीआई बैंक के पीछे तकरीबन 400 ठेका मजदूरों 200 आम जनता के साथ बैठक कर सेल प्रबंधन से हुई वार्ता को ठेका मजदूरों के समक्ष रखी। इस दौरान संयुक्त यूनियन के रामा पांडेय ने मजदूरों को संबोधित कर कहा कि सभी ठेका मजदूरों के एक दिन हड़ताल करने से सेल प्रबंधन का नींद खुली और उन्होंने वार्ता करने के लिए बुलाया। एकता में ही जीत होती है। परंतु कुछ दलाल किस्म के नेता एवं यूनियन है जो यहां की बातों को सेल प्रबंधन तक पहुंचाती है। ऐसे दलाल किस्म के नेता एवं यूनियनों को माला पहनाई जाएगी। मंच से हम ऐलान करते हैं कि ठेका मजदूरों की जो मांगे हैं वह तो सेल प्रबंधन को देना ही है। साथ ही समान कार्य का समान वेतन भी देना होगा। अगर सेल प्रबंधन सेवानिवृत्त सेल कर्मियों को क्वार्टर तथा उनके एक आश्रित को नौकरी देना चाहती है तो हम भी मांग करते हैं जितने भी सप्लाई, नोटशीट तथा ठेका मजदूर है ,उन्हें भी सेल प्रबंधन एक करोड़ रुपए दे और सभी मजदूर अपनी नौकरी को दान में दे देंगे। वही बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन इंटक के जोनल सेक्रेटरी दुचा टोप्पो ने कहा कि आज जो मजदूरों को सुविधा मिल रही है वह दान में नहीं मिल रही है। सेल प्रबंधन को आड़े हाथों लेते उन्होंने कहा कि सारी सुविधाएं केंद्र सरकार से नियमों के अनुसार उन्हें मिल रही है। कुछ दलाल किस्म के नेता के बहकावे में आकर मजदूरों की सुविधाओं को सेल प्रबंधन बंद कर देना चाह रही थी परंतु हम संयुक्त यूनियन ने मिलकर सेल प्रबंधन के इस खेल को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।उन्होंने कहा कि मजदूरों की चट्टानी एकता निरंतर बनी रहेगी ।झारखंड मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष पंचम जॉर्ज सोय, सारंडा मजदूर यूनियन के अध्यक्ष कुल बहादुर, झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के महासचिव अंतर्यामी महाकुड ने भी अपनी बातों को रखा। मंच का संचालन नरेश दास ने किया। इस मौके पर संयुक्त यूनियनों में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन इंटक के जोनल सेक्रेटरी दुचा टोप्पो, सप्लाई मजदूर संघ के अध्यक्ष राजेश कोड़ा, सीटू के अध्यक्ष मनोज मुखर्जी, समीर हलदर, झारखंड मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष पंचम जॉर्ज सोय, सारंडा मजदूर संघ के अध्यक्ष कुल बहादुर सहित महिलाओ चंद्रिका खण्डाईत, बंसती देवी, आरती होरो, साधना महतो, ब अन्य मजदूर मौजूद थे।




