Saraikela (संजीव मेहता):आगामी विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला, 2026 को लेकर झारखंड सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम जलार्पण और सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) और पंडा धर्मरक्षिणी सभा के बीच एक उच्च स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई.
इस बैठक में बाबा बैद्यनाथ मंदिर आने वाले देवतुल्य कांवरियों और श्रद्धालुओं की सुविधा, बेहतर क्राउड मैनेजमेंट, सुगम जलार्पण, शीघ्र दर्शनम व्यवस्था तथा वीआईपी (VIP) पूजा के स्वरूप को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत एवं गंभीर चर्चा की गई.
* बैठक में लिए गए 3 सबसे महत्वपूर्ण फैसले : गर्भगृह में मोबाइल पर पूर्ण प्रतिबंध: बाबा वैद्यनाथ के गर्भगृह की पवित्रता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, श्रद्धालुओं द्वारा गर्भगृह के भीतर मोबाइल के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के ऐतिहासिक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई है.

*सालों भर रहेगा बाह्य अर्घा : मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने और सुगम जलार्पण के लिए अब सालों भर (12 महीने) बाह्य अर्घा स्थापित रखने के प्रस्ताव पर सभी अधिकारियों, तीर्थ पुरोहितों और प्रबुद्ध जनों ने अपनी सहमति जताई है. बैठक के दौरान पंडा धर्मरक्षिणी सभा द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों को गंभीरता से सुना गया, ताकि स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाकर मेले को ऐतिहासिक और सुरक्षित बनाया जा सके. मुख्यमंत्री कार्यालय और देवघर जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश-विदेश से आने वाले किसी भी श्रद्धालु को कतार परिसर (Queue Complex) से लेकर जलार्पण करने तक मंदिर प्रांगण में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.






