Saraikela (संजीव मेहता) :सरायकेला जिले के गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र में सरकारी अनाज की आपूर्ति को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है. बड़ाम थान के निकट खाद्य आपूर्ति विभाग के बैनर के बिना सरकारी अनाज से लदा एक मालवाहक वाहन देखे जाने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय पत्रकारों ने मौके पर वाहन को रुकवाकर जानकारी ली, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया.
मिली जानकारी के अनुसार, मालवाहक वाहन संख्या JH05CJ6722 में करीब 173 बोरी सरकारी अनाज लदा हुआ था. चालक ने अपना नाम भरत बताते हुए कहा कि उसे गम्हरिया प्रखंड स्थित अनाज गोदाम से निर्धारित गंतव्य तक अनाज पहुंचाने का निर्देश मिला है. हालांकि वाहन पर खाद्य आपूर्ति विभाग का कोई बैनर या पहचान चिन्ह नहीं था, जिससे संदेह और गहरा गया. खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रावधानों के अनुसार डोर-स्टेप डिलीवरी करने वाले ट्रांसपोर्टरों के वाहनों पर विभागीय बैनर या स्पष्ट पहचान अंकित होना अनिवार्य है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कालाबाजारी की आशंका न हो. ऐसे में बिना बैनर के अनाज की ढुलाई कई सवाल खड़े करती है. गम्हरिया का अनाज गोदाम पूर्व में भी विवादों में रह चुका है। पुराने प्रभारी सहायक गोदाम प्रबंधक की संदिग्ध परिस्थितियों में आग से मौत का मामला लंबे समय तक चर्चा में रहा था.

उस दौरान भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे, लेकिन मामला बाद में ठंडे बस्ते में चला गया. अब नए गोदाम में भी कथित रूप से विवादित ट्रांसपोर्टर की भूमिका और प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप लगाए जा रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की मौन सहमति के बिना ऐसे मामलों को अंजाम देना संभव नहीं है. स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि नियमों का पालन नहीं हो रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. यह चर्चाएं भी जोरों पर चल रही है कि जिला आपूर्ति विभाग प्रशासन पर कालाबाजारी माफिया पूर्ण रूपेण हावी हो चुके हैं। वर्तमान में चांडिल डूर स्टेप डिलीवरी के कार्य करने वाले नवीन शर्मा को गम्हरिया का डूर स्टेप डिलीवरी का कार्य दिया गया है। कालाबाजारी होने की चर्चाएं जोरों पर चल रही है।




