रांची : झारखंड सरकार की ओर से गरीब परिवार के बच्चों को शिक्षित करने के लिए कई योजनाएं लागू की है, इसी के तहत छात्राओं को स्कूल आने-जाने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कल्याण विभाग की ओर से साइकिल का वितरण किया जाता है, लेकिन जमशेदपुर में लाखों मूल्य का साइकिलों का बंटा धार किया जा रहा है बुधवार को कबाड़ बन गई साइकिलों को छात्रों को वितरित कर दी गई। यह कारनामा हुआ है प्लस टू टाटा वर्कर्स यूनियन उच्च विद्यालय कदमा परिसर में, जहां CM स्कूल एक्सीलेंस साकची गरम नाला के छात्राओं के बीच यह साइकिल वितरित कर दी।

साइकिल की स्थिति ऐसी थी कि दोनों छक्का पंचर, सीट जर्जर अवस्था में, ब्रेक नहीं और साथ ही जंग भी लगी हुई थी। ऐसी साइकिलो को अभिभावक ना चाहते हुए भी उन्हें ले जाने के लिए दवाब दिया गया, मजबूरन कुछ अपने निजी वाहन में उठा के ले गए तो कुछ अभिभावक 200 से 400 रुपए भाड़ा देकर टेंपो से घर ले गए। इन अभिभावकों का कहना था कि नई साइकिल खरीदने के लिए उनके पास पैसे नहीं है, ऐसे में ये साइकिल को लेना उनकी मजबूरी है अब ए दुकान में साइकिल लेकर बनवा लेंगे ताकि उनके बच्चे स्कूल आना जाना समय पर कर सकें। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि अच्छी खासी साइकिलों को कबाड़ बनाकर बच्चों के बीच वितरण करना, अधिकारियों के द्वारा सरकार के समक्ष आई वॉश करना है या फिर कुछ और।इधर कल्याण पदाधिकारी शंकराचार्य सामद ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि इसकी जांच कर सप्लायर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



