पटमदा, पूर्वी सिंहभूम : फाइलेरिया (हाथीपांव) से प्रभावित मरीजों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने एवं उनके जीवन को सुगम बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को पटमदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दिव्यांगता प्रमाणपत्र निर्माण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में फाइलेरिया मरीजों ने भाग लिया और दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। शिविर का उद्घाटन जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी (VBDO) डॉ. मृत्युंजय धावड़िया एवं पटमदा सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) डॉ. राजीव सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस दौरान दोनों अधिकारियों ने फाइलेरिया प्रभावित मरीजों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी तथा शिविर की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। शिविर का औचक निरीक्षण पटमदा अंचल अधिकारी सह प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) डॉ. आर.के. दास ने कर,क्षेत्र में मच्छर जनित रोद्धी छिड़काव का निर्देश दिया। उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा स्वास्थ्य विभाग एवं सहयोगी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। जानकारी के अनुसार, यह शिविर विशेष रूप से उन फाइलेरिया मरीजों के लिए आयोजित किया गया था जिनकी बीमारी की स्थिति स्टेज-3 से स्टेज-7 के बीच है। शिविर में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे और दिव्यांगता प्रमाणपत्र के लिए अपना पंजीकरण कराया।

शिविर में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. तापस दास द्वारा मरीजों की जांच कर दिव्यांगता का मूल्यांकन किया गया। उनके द्वारा एक ही दिन में 117 फाइलेरिया मरीजों का दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाया गया, जिससे मरीजों में काफी उत्साह देखा गया। इस विशेष शिविर का आयोजन पिरामल फाउंडेशन के समन्वय एवं सहयोग से किया गया। शिविर को सफल बनाने में पिरामल फाउंडेशन की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में प्रोग्राम लीड शशि भूषण प्रसाद, पीओ-सीडी रूपाली कुमारी शामिल थी।वही स्वस्थ विभाग की तरफ से एमपीडब्ल्यू रविंद्र दास, काजल गिरी, निर्मल, उत्तम, जन्मंजय, प्रेम किशोर, बीटीटी सरोज एवं भास्कर सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। शिविर के माध्यम से फाइलेरिया प्रभावित मरीजों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई, जिससे उन्हें भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों एवं अन्य लाभों तक पहुंच बनाने में सहायता मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि आगे भी इस प्रकार के शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र मरीजों को लाभान्वित किया जाएगा।





