दिल्ली ( प्रतीक सिंह ) : दिल्ली स्थित निर्णय प्राधिकरण ने एक अहम आदेश में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को विनय चौबे एवं अन्य से जुड़ी जब्त वस्तुओं पर नियंत्रण बनाए रखने की अनुमति दी है। यह फैसला सभी संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिया गया। ईडी ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज प्राथमिक सूचना के आधार पर जांच प्रारंभ की थी।

2024 के अक्टूबर महीने में ईडी ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के अधिकारियों के परिसरों पर छानबीन की थी, जिसमें कई अहम दस्तावेज, मोबाइल डिवाइस तथा सरकारी पत्र बरामद किए गए। विनय चौबे के आवास से सेंट्रल विजिलेंस कमीशन का पत्र, होलोग्राम से संबंधित पत्र, झारखंड उत्पाद नीति पर लिखे गए कुछ दस्तावेज और दो आईफोन बरामद किए गए थे। इसके अलावा स्वप्ना संचिता द्वारा प्रयुक्त सैमसंग गैलेक्सी एस-24 अल्ट्रा भी जब्त किया गया। ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि जनवरी 2022 में छत्तीसगढ़ का शराब समूह झारखंड में भी सक्रिय हुआ। इसी के तहत झारखंड की नई नीति तैयार करने में अरुण पति त्रिपाठी को सलाहकार बनाया गया, जिनकी फीस 1.25 करोड़ रुपये तय की गई थी। यह पूरी योजना कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के इरादे से बनाई गई थी, जिससे राज्य को भारी घाटा हुआ।




