जमशेदपुर : जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां जिले मे एनजीटी द्वारा खनन पर रोक लगाए जाने के बावजूद नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। खनन पर प्रतिबंध के बावजूद बालू का परिवहन लगातार जारी है, जबकि प्रशासन इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है। अगर जमशेदपुर की बात किया जाए तो सबसे ज्यादा सिदगोड़ा और बिरसानगर थाना क्षेत्र में देखा जा सकता है जहां स्वर्णरेखा नदी किनारे जिसमें बागुनहातु, बारिडीह बस्ती के जिला स्कूल के समीप और बिरसानगर के हुरलूँग और नूतनडीह नदी से इसका धड़ल्ले से उठाव किया जाता है।
इसके लिए बालू माफिया के द्वारा काफी संख्या में गुर्गो को भी रखा हुआ है यह गुर्गे उठाव क्षेत्र से दो से तीन किलोमीटर तक फैले हुए रहते हैं खासकर चौक चौराहा में, ताकि अगर विभाग या पुलिस के अधिकारी उस और के रख करें तो वे लोग तुरंत ही उठाव स्थल पर मौजूद अपने साथियों को सूचना देकर सचेत कर देते हैं जिससे अधिकारियों को पहुंचने से पहले ही स्थल को खाली कर सभी वहां से फरार हो जाते हैं. बारिडीह बस्ती जिला स्कूल के समीप के घाट से बालू माफिया अजीबोगरीब व्यवस्था तैयार कर रखी है जहां मचान रूपी नाव को तैयार किया गया जिसमें मजदूर नदी के बीच से बालू को उठाव करते हैं इसका कारण यह है कि नदी के दूसरा छोर एमजीएम थाना के अंतर्गत आता है, जैसे ही इस क्षेत्र के थाना या अधिकारी पहुंचते हैं वे लोग नदी के उस पार चले जाते हैं जो इनके पकड़ से दूर होते हैं.

वैसे इनके द्वारा बालू का उठाव ज्यादा से ज्यादा मात्रा में कर के इस थाना क्षेत्र के सड़क के किनारे को स्टोरेज को रूप में उपयोग करते हैं ताकि कार्यवाई होने पर यह पता ना चले कि बालू का संचालक आखिर कौन है. यही स्थिति सरायकेला खरसावां जिले के भी है जहां तिरुलडीह और ईचागढ़ के जरगोडीह, बीरडीह और बावनडीह क्षेत्र में रात के अंधेरे में बालू उठाव किया जाता है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिन -रात बालू उठा हो रहा है ,बालू माफिया वीवीआईपी चार पहिया देखते सक्रिय हो जाते हैं सबसे बड़ा सवाल यह है की? आखिर किसके संरक्षण में यह कारोबार चल रहा है और प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? इसे लेकर पिछले दिनों नव पदस्थापित एसएसपी एहतेशाम ने सभी थाना के डीएसपी, थाना प्रभारी हुए अधिकारियो के साथ बैठक कर साफ लहजे में चेतावनी दी कि अगर किसी भी तरह का अवैध कारोबार और बालू का खनन होता है तो उन्हें ही दोषी मानते हुए विभागीय कार्यवाई की जाएगी. उनके इस चेतावनी के बाद बालू खनन पर कितना रोक लग पाएगा यह भविष्य के गर्भ मे है.






