Saraikela (संजीव मेहता) : शहर के चर्चित डीडी बार हत्याकांड ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है. एक ओर इस मामले में भाजपा नेता नीरज सिंह का नाम चर्चा में आने के बाद विपक्ष लगातार भाजपा पर हमलावर है, वहीं दूसरी ओर इस कांड के मुख्य आरोपी बताए जा रहे ₹2 लाख के इनामी विश्वनाथ मंडल की पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के साथ एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इसके बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
समर्थक और विरोधी अपने-अपने तरीके से तस्वीर की व्याख्या कर रहे हैं. हालांकि, किसी भी व्यक्ति के साथ तस्वीर होना या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में मौजूद होना अपने आप में किसी अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं माना जा सकता. ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और न्यायालय की प्रक्रिया ही अंतिम आधार होती है. डीडी बार हत्याकांड की जांच पहले से ही कई कारणों से सुर्खियों में रही है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए नाम और नए तथ्य सामने आने से राजनीतिक हलचल भी बढ़ती जा रही है. इस बीच विपक्ष भाजपा से जवाब मांग रहा है, जबकि भाजपा की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मामले में जांच के दौरान किसी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका या संबंधों को लेकर ठोस तथ्य सामने आते हैं, तो इसका असर राजनीतिक रूप से पड़ सकता है. वहीं यदि वायरल तस्वीरों और दावों की पुष्टि नहीं होती है, तो यह मुद्दा केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित रह सकता है. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या डीडी बार हत्याकांड भाजपा के लिए राजनीतिक चुनौती बनेगा, या फिर पार्टी इस पूरे विवाद से स्वयं को अलग रखने में सफल होगी. इसका जवाब आने वाले दिनों में जांच की दिशा, पुलिस की कार्रवाई और सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगा.






