रांची : मुख्य सचिव अलका तिवारी ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में आ रही रुकावटों को जिला स्तर पर प्राथमिकता के साथ हल करें। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं के कारण प्रोजेक्ट्स में देरी होती है, जिससे लागत बढ़ती है और राज्य के संसाधनों का नुकसान होता है। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे समयसीमा के भीतर समस्याओं का समाधान करें और इसे अनावश्यक रूप से बढ़ाने से बचें। राज्य में एनएचएआई की 38,483 करोड़ रुपये की योजनाएं और कई रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। साथ ही, राज्य सरकार की सड़कों के विस्तार और चौड़ीकरण के कई प्रोजेक्ट्स भी चल रहे हैं। समीक्षा में पाया गया कि भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, फॉरेस्ट क्लियरेंस और विवाद इन प्रोजेक्ट्स में सबसे बड़ी बाधा हैं।

मुख्य सचिव ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित समयसीमा में रुकावटें दूर करें और अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधि व्यवस्था, मुआवजा भुगतान और अन्य कारणों से प्रोजेक्ट नहीं रुकने चाहिए। अनावश्यक बाधा डालने वालों पर कार्रवाई करने और प्रोजेक्ट्स की सतत निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार सचिव चंद्रशेखर और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। संबंधित उपायुक्त वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।




