Saraikela (संजीव मेहता) : लघु उद्योग भारती (लउभा) का पूर्वोतर क्षेत्र के उद्यमी सम्मेलन कोलकाता (बंगाल) में रविवार को सम्पन्न हुआ. सम्मेलन में अतिथि के रुप में केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केन्द्रीय कानून कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल उपस्थित रहे. दोनों केंद्रीय मंत्री ने उद्यमियों का मार्गदर्शन किया. उद्यमी सम्मेलन में लउभा के राष्ट्रीय सचिव और एसिया के अध्यक्षयों सह झारखंड प्रभारी इन्दर कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में कोल्हान क्षेत्र के उद्यमी भी शरीक हुए.

इस अवसर पर प्रान्तीय उपाध्यक्ष ज्ञान जायसवाल, जिलाध्यक्ष विनोद शर्मा, स्वपन मजूमदार, किशोर गोलछा, राकेश अग्रवाल, मनोज सहाय, विकास चन्द्रा, सांवरमल शर्मा उपस्थित थे. कोल्हान में रेल नेटवर्क को बेहतर बनाने की माँग को लेक रेल मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया. वहीं इन्दर अग्रवाल के नेतृत्व में लउभा की टीम ने केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर उन्हें 10 सूत्री माँग पत्र सौंपा. माँग पत्र में कोल्हान क्षेत्र में एमएसएमई के लिए भारतीय रेल व्यवसाय नेटवर्क को बेहतर बनाने का सुझाव शामिल है. माँग पत्र के अनुसार, भारतीय रेल देश में सबसे बड़ा रोजगार सृजनकर्ता और व्यवसाय नेटवर्क प्रदाता है और चक्रधरपुर डिवीजन में वैगन मूवमेंट में इसका प्रदर्शन देश में सर्वश्रेष्ठ में से एक है. स्टील उद्योग और खनन उद्योग के कारण चक्रधरपुर डिवीजन लगातार भारत में सर्वश्रेष्ठ डिवीजन के रूप में रोलिंग स्टॉक मूवमेंट में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. हालाँकि स्थानीय उद्योग को रेलवे का समर्थन उतना मजबूत नहीं है. हालाँकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कुशल सरकार के सत्ता में आने के बाद इसमें काफी सुधार हुआ है. माँग पत्र में लउभा के द्वारा सीनी-कान्ड्रा-गम्हरिया ट्राईजंक्शन लाईन में शीघ्र चौथी लेन देने की माँग की गई है. सीनी-कान्ड्रा-गम्हरिया ट्राईजंक्शन लाईन में रेलवे वैगन की आवाजाही हमेशा नाकाबन्दी पैदा करती है तथा इसके कारण अधिकाँश यात्री ट्रेनें और रोलिंग स्टॉक विलंब से चलते हैं. यह तीसरी लाईन के विकास के अंतर्गत है. परन्तु स्टील उद्योग और खनन क्षेत्रों में वैगनों के लगातार लोड के कारण समस्या बनी रहती है.
माँग पत्र में टाटानगर से वाराणसी के बीच बन्दे भारत ट्रेन शुरु करने की माँग करते हुए कहा गया है कि टाटानगर से लखनऊ तक सीधा संपर्क सुधारा जाना चाहिए. और इससे कोल्हान को आरडीएसओ, लखनऊ से जोड़ने में मदद मिलेगी. क्योंकि क्षेत्र का शीर्ष रेलवे स्टेशन टाटानगर वैगन की आवाजााही के कारण अत्यधिक दबाव में है और खनन उत्पाद लोडिंग के लिए देश में सर्वश्रेष्ठ में से एक है. हवाई अड्डे की अनुपस्थिति में जमशेदपुर को निश्चित रूप से बेहतर रेलवे कनेक्टिविटी की आवश्यकता है अन्यथा हमें व्यवसाय के लिए उपलब्ध ट्रेनों को लेने के लिए नियमित रूप से खड़गपुर या रांची जाना पड़ता है. साथ हीं टाटानगर से नई दिल्ली तक के लिए नई ट्रेन देने का अनुरोध भी किया गया है.




