सरायकेला / (संजीव मेहता) : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के शर्मा बस्ती के पास रेल लाइन किनारे क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन निर्माण की बाधा को दूर कर लिया गया है. रेल ट्रैक के नीचे से गुजरे क्षतिग्रस्त पाइपलाइन निर्माण का कार्य शनिवार से प्रारंभ किया जाएगा. शुक्रवार को क्षतिग्रस्त पाइप लाइन जलापूर्ति का घटनास्थल पर जाकर आदित्यपुर नगर निगम के उप नगर आयुक्त पारुल सिंह रेलवे के टेलिकॉम अधिकारी मनोज कुमार, लैंड डिपार्टमेंट के सतीश कुमार, आईओडब्ल्यू संजय गुप्ता , जुस्को के मोहम्द शाहिद, जिंदल के किशन कुमार आदि ने निरीक्षण किया है. आदित्यपुर नगर निगम रेलवे के जॉइंट इंस्पेक्शन के बाद सभी एजेंसियों ने आपसी ताल मेल स्थापित कर कार्य प्रारंभ करने की योजना बना ली है. अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही वृहत रूप से क्षतिग्रस्त पाइपलाइन निर्माण को दुरुस्त कर जलापूर्ति सामान्य किया जाएगा. बता दें कि नगर निगम के कई वार्डों में विगत पांच महीने अनियमित जलापूर्ति हो रही है जिसका समस्या सामाधान अब निकल जाएगा. शुक्रवार को रेलवे ने एनओसी भी दे दिया है. शनिवार से क्षतिग्रत पाईप को दुरुस्त करने का काम शुरू होगा. इसकी जानकारी उप नगर आयुक्त पारुल सिंह ने मीडियाकर्मियों को दी. बता दें कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण लाखों लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद हो रहा था. लोगों के घरों तक शुद्ध जलापूर्ति नहीं हो पा रही थी. वाटर सप्लाई का काम कर रहे संवेदक जिंदल ने रेलवे से एनओसी नहीं मिलने के कारण काम करने से हाथ खड़ा कर दिया. उसके बाद दो दिन पूर्व उपनगर आयुक्त ने स्थल का निरीक्षण कर रेलवे से जनहित को ध्यान में रखते हुए एनओसी दिए जाने की मांग की थी।

इसपर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को रेलवे के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन मरम्मती के लिए एनओसी देने की बात कही. उधर एनओसी मिलते ही उपनगर आयुक्त ने जिंदल को तत्काल काम शुरू करने का निर्देश दिया है. बता दो कि इस मामले को लेकर सामाजिक संस्था जनकल्याण मोर्चा ने 10 दोनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि यदि 10 दिनों के भीतर जलापूर्ति शुरू नहीं होती है तो जनहित को ध्यान में रखते हुए रेलवे, नगर निगम और जिंदल के खिलाफ झारखंड हाई कोर्ट में पीआईएल दाखिल किया जाएगा।




